जिले में लगातार दूसरे दिन प्रदूषण का स्तर बढ़ा। शनिवार को जिला में अधिकतर वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंच गया है। हालांकि दो दिन पहले एक्यूआई 270 था। यह शनिवार को 303 रहा। प्रदूषण का यह स्तर बेहद खतरनाक माना जाता है। यह सांस के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
भवन निर्माण सामग्री को बिना ढके परिवहन किया जा रहा है। सड़कों पर निर्माण सामग्री को भी खुले में रखा गया है। इसके कारण धूल और धुआं भी खूब उड़ रहा है। शहर में निर्माणाधीन सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि दोपहर में हवा चलने से प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ। निर्माणाधीन शहर के करनाल रोड पर धूल इतना ज्यादा उड़ रही है कि शाम के समय धूल के कारण वाहन चालकों को दिखाई भी नहीं देता।
लगातार अस्पतालों में बढ़ रहे हैं मरीज- डा. अनिल ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। अस्थमा व एलर्जी के मरीज बढ़ रहे है। अकेले अस्थमा के 35 से 40 मरीज आ रहे है। इसलिए सुबह की सैर करने से बचें।