पूंडरी। जय भारत पब्लिक स्कूल में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता मा. सत प्रकाश ने की। मंच संचालन रामिनवास ढुल ने किया। सतपाल पराशर आनंद ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
गोष्ठी का आगाज दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। गोष्ठी में आए सभी साहित्यकारों ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां दीं। हवा सिंह ने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा राजनीति नै म्हारे देस का खो दिया भाईचारा। धर्म जात और ऊंच नीच म्हं समाज बांट दिया सारा। कृष्ण चंद ने हिंदी पर प्रभाव डालती एक सुंदर रचना प्रस्तुत की।
ओमप्रकाश ने कुरुक्षेत्र तेरे खेत ने जाणै सारा संसार, लड़ाई जोर की होई, युद्ध हुआ भारी। ये रचना प्रस्तुत की। राम निवास ढुल ने मैं कौन हूं, खुद से भी अनजान हूं ,खोया हुआ इंसान हूं ये रचना सुनाकर वाह वाही लूटी। महेंद्र पाल काण्व द्विवेदी ने, जय माता शक्ति शाली, ऊंचे मंदिर पहाड़ा वाली ये भजन सुनाया।
सतपाल पराशर आनंद ने राजनेताओं की मौका परस्ती पर व्यंग्य करते हुए कहा राजनीति नै खूब बिगाड़ी देस की सूरत, माट्टी म्हं इब नहीं दीखती मां की मूरत। मा. सत प्रकाश ने अध्यक्षीय टिप्पणी के साथ रोज मार्या की स्वदेश वापसी का कारण सुंदरता विषय पर अपने विचार रखे।