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Kaithal News: नगर पलिका चीका में राजनीतिक सरगर्मी तेज

Thu, 03 Jul 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका । नगर पालिका चीका में जारी सियासी घमासान ने एक और नाटकीय मोड़ ले लिया है। वार्ड नंबर-14 के पार्षद जितेंद्र कुमार, जिन्हें सोमवार को निलंबित किया गया था, उनके निलंबन आदेश पर महज 24 घंटे में रोक लग गई है। अब वे वीरवार 3 जुलाई को उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कर सकेंगे।

डायरेक्टर ने किया निलंबन, कमिश्नर ने दी राहत ः 1 जुलाई को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक पंकज कुमार ने हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 14-ए (1) के तहत पार्षद जितेंद्र कुमार को निलंबित किया था। इसके खिलाफ पार्षद ने धारा 14-ए (3) के अंतर्गत अपील दायर की। विभाग के सचिव एवं आयुक्त विकास गुप्ता ने 2 जुलाई को उनके निलंबन आदेश पर आगामी निर्णय तक स्थगन (स्टे) दे दिया।
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आदेश में कहा गया कि पार्षद को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया था और जिस एफआईआर के आधार पर यह कार्रवाई हुई, वह अभी जांचाधीन है। इसलिए निलंबन आदेशों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और जितेंद्र कुमार पार्षद पद पर बहाल रहेंगे। अब सवालों के जवाब वीरवार को मिल जाएंगे।

पार्षद जितेंद्र कुमार पर 50 लाख रुपये रिश्वत मांगने का है आरोप

पार्षद जितेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव से दूरी बनाने की एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता विजय उर्फ मिंकु सिंगला ने इस संबंध में एक रिकॉर्डिंग एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला को सौंपी थी, जिसके आधार पर 20 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। दो अन्य पार्षद भी जांच के दायरे में हैं। इसी एफआईआर के चलते निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

अविश्वास प्रस्ताव पर लगीं सबकी निगाहें

नगर पालिका चीका में कुल 17 पार्षद हैं। उपाध्यक्ष को हटाने के लिए कम से कम 12 वोट जरूरी हैं। जितेंद्र कुमार की वापसी के बाद विपक्ष के पास फिलहाल 12 पार्षदों का समर्थन दिखाई दे रहा है। यदि बुधवार रात तक कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो वीरवार को अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की प्रबल संभावना मानी जा रही है।
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सत्ता पक्ष की बढ़ी चिंता

अब तक आत्मविश्वास से भरा सत्ता पक्ष बुधवार को नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटा नजर आया। विपक्ष गुट की सक्रियता और जितेंद्र की वापसी ने उपाध्यक्ष पूजा शर्मा की कुर्सी पर एक बार फिर संकट गहरा दिया है। अब सबकी निगाहें 3 जुलाई वीरवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई हैं।
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