संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पुलिस की टीमें नशे के खिलाफ जागरूकता फैला रही है। ऐसे में अब तक 50 से अधिक गांवों में लोगों को जागरूक किया जा चुका है। इसके साथ ही पुलिस की टीमें गांवों में खेलों के माध्यम से भी संदेश देकर जागरूक कर रही हैं। ऐसे में अब तक 2600 से अधिक लोगों को जागरूक किया जा चुका है। पुलिस की टीम में डीएसपी रैंक के अधिकारी लेकर हेड कांस्टेबल तक शामिल हैं, जो लगातार विभिन्न गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पुलिस की नशा जागरूकता टीम में एसआई कर्मबीर सिंह,एएसआई ओमप्रकाश, एचसी सुनील कुमार, महिला सिपाही रितु व होमगार्ड शमशेर की टीम शामिल हैं।
25 स्पेशल पुलिस ऑफिसर को खेल प्रशिक्षक के रूप में किया गया है नियुक्त ः जिले में 25 स्पेशल पुलिस ऑफिसर को खेल प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है, जो युवाओं को खेलों की तरफ आकर्षित कर रहे हैं। एसपी राजेश कालिया ने कहा कि खेल व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग है। कोई भी खेल हमें शारीरिक, मानसिक रूप से मजबूत बनाता है तथा नशा जैसी बुराई से हमें बचाता है। यदि आज युवा वर्ग का सबसे बडा शत्रु है तो वह नशा है। जिस प्रकार हम हर क्षेत्र में अपने शत्रु को मात देना चाहते है उसी प्रकार हमें इस नशे रूप जहरीली सांप को कुचलकर अपने कॅरिअर को बुलंदियों पर लाना होगा नहीं तो नशा हमारी आने वाली पीढ़ियों का भी नाश कर देगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव को चाहिए कि समय-समय पर गांवों में खेलों की प्रतियोगिताएं करवाए, ताकि बच्चे युवा वर्ग का ध्यान खेलों की तरफ हो। एसपी ने युवा वर्ग से अपील की कि समाज व खुद के विकास के लिए नशे की जड़ को काटना पड़ेगा। तभी जाकर हमारा समाज साफ सुथरा व स्वस्थ होगा। आमजन युवा वर्ग इस नशा रूपी जहरीली सांप को मिटाने में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है।
274 गांवों में 208 नशा मुक्त घोषित
कैथल पुलिस के दावों को सही माना जाए तो कैथल के 274 गांवों में से दो सौ से ज्यादा ऐसे हैं, जो नशा मुक्त हो चुके हैं। इनकी संख्या 208 बताई जाती है।
गौरतलब है कि कैथल को नशा मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से कैथल पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, कैथल पुलिस ने करीब एक साल में कई युवाओं को नशे की लत से मुक्त कराकर मुख्यधारा में वापस लाया है।
नवंबर में पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया ने बताया था कि पुलिस कर्मी जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब तक पुलिस ने जिले भर में करीब 2,600 कार्यक्रम आयोजित करके करीब तीन लाख लोगों से संपर्क किया है।