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फरियादी पहुंचे थाने तो रफूचक्कर हुए थानेदार

Sun, 07 Aug 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो कैथल
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पबनावा के दलित फरियाद लेकर पहुंचे थे ढांड थाने - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 दलितों पर हुए अत्याचार के बाद सदमे से गांव पबनावा से सैंकड़ों की संख्या में दलित महिलाएं व पुरुष कैंटर में सवार होकर ढांड थाना प्रभारी से मिलने पहुंचे। उनके ढांड में पहुंचने की सूचना मिलते ही ढांड थाना प्रभारी थाने से रफूचक्कर हो गए। दलित लगभग 1 घंटे तक तो थाने के पास मंदिर में बैठकर थाना प्रभारी के आने का इंतजार करते रहे। आखिरकार परेशान होकर लोग ढांड थाना परिसर में नीचे जमीन पर बैठ गए और इंतजार करते रहे।
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थाना प्रभारी से मोबाइल पर संपर्क करके उनकी बात सुनने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन 4 घंटे तक थाना प्रभारी उनकी बात सुनने थाने नहीं पहुंचे। आखिरकार 4 बजे दलित थक हार कर ज्ञापन सौंपे बगैर थाने से वापस गांव में चले गए। दलितों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 5 किलोमीटर चलकर थाने में अपनी फरियाद सुनाने के लिए आए थे। लेकिन थाने में ही जब हमारी सुनवाई में लुक्का छिपी का खेल खेला जा रहा है तो ऐसे में पुलिस क्या सुरक्षा देगी। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस शरारती तत्वों के साथ मिली हुई है। जिससे हमारी कोई सुनवाई नही हो रही है।

क्या है दलितों की मुख्य मांगे
 शनिवार को दलित समाज के लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन ढांड थाना प्रभारी के माध्यम से सौंपने आए थे। जिसमें दलितों की 3 मुख्य मांगे है। जानमाल की सुरक्षा, हमलावरों की गिरफ्तारी व बस्ती के आसपास चल रहे शराब के अवैध खुर्दे हटवाना मुख्य रूप से शामिल है।
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शराबी घर में घुसकर करते हैं मारपीट
70 वर्षीय छन्नो, प्रेमो, माली, सावित्री, बतेरी, सोना, सुनहरी ने बताया कि हम लोग गरीब हैं। घर में रहते हैं तो शराबी घर के अंदर जबरन घुस कर हमारे साथ मार पिटाई करते हैं। हमारे आदमी घर से बाहर मेहनत मजदूरी करने जाते है तो उनके साथ हाथापाई करते हैं। बच्चे स्कूल जाते है तो स्कूल में उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। आखिर वे जाएं तो कहां जाएं। पुलिस में मामले की शिकायत करते हैं तो पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती। अब तो हमारे सामने केवल एक ही रास्ता बचा है कि सरकार हमें 2 गज जमीन का टुकड़ा दे और हम बच्चों सहित गांव से पलायन कर जाएं।

अवैध खुर्दे लड़ाई का कारण
महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब के धड़ल्ले से चल रहे अवैध खुर्दे लड़ाई का सबसे बड़ा कारण बनते जा रहे है। शाम ढलते ही शराबी उनकी बस्ती के पास बने अवैध खुर्दों पर शराब पीकर झगड़ा करते हैं। जिससे उनका घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्ती के आसपास चल रहे अवैध खुर्दे बंद करवाने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन बस्ती में अवैध खुर्दे पुलिस के संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहे हैं।

पबनावा दलितों के केस के सिलसिले में डीएसपी कैथल ने बुलाया था। जिस कारण ढांड थाने में पहुंचे दलितों से नहीं मिल सके। फोन पर संपर्क होने पर उन्हें बता दिया गया कि कैथल के फारिग होते ही गांव में आकर समस्या सुन ली जाएगी। रही सुरक्षा की बात तो गांव में अतिरिक्त तौर पर पुलिस की तैनाती की गई है। एसपी कैथल ने शुक्रवार देर शाम गांव का दौरा किया था। दलितों को हर हाल में सुरक्षा दी जा रही है।
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रमेश चंद, थाना प्रभारी ढांड
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