संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूर्व एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर करके जिमखाना क्लब के खाते से पांच लाख 80 हजार 462 रुपये निकलवाने के मामले में केस दर्ज होने के दूसरे दिन भी सिटी पुलिस जांच में जुटी रही। हालांकि आरोपी महाप्रबंधक की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस मामले से संबंधित तथ्यों में जुटाने में लगी रही, ताकि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।
मामले के संबंध में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जिस प्रकार पूर्व एसडीएम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी के यहां से जाने के बाद आरोपी ने रुपयों का गबन किया, उसी प्रकार शायद आरोपी ने उनके रहते भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया हो?
इस संबंध में कैथल के वर्तमान एसडीएम कपिल कुमार ने कहा कि वैसे तो एसचएसवीपी मुख्यालय की ऑडिट टीम की जांच में पूर्ण तथ्य सामने आ चुके हैं, लेकिन फिर भी अगर पुलिस को लगता है कि आरोपी ने पहले भी इस प्रकार का गबन किया है तो पुलिस गंभीरता से मामले की जांच करे।
गौरतलब है कि पूर्व एसडीएम के तबादले के बाद जिमखाना क्लब के महाप्रबंधक अजय कुमार ने सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में चेकों पर एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर करके पांच लाख 80 हजार 462 रुपये निकलवा लिए थे। आरोपी ने उन्हें निजी खातों में डलवा
दिया था।
इस संबंध में पूर्व एसडीएम संजय कुमार के अनुरोध व वर्तमान एसडीएम कपिल कुमार की शिकायत पर शहर थाना में मामला दर्ज किया गया है। विभाग के पंचकूला मुख्यालय की ओर से ऑडिट टीम द्वारा की गई जांच में गबन का खुलासा हुआ है।
सिटी थाना एसएचओ बीर सिंह ने बताया कि फिलहाल तक आरोपी जिमखाना क्लब के महाप्रबंधक अजय कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस गबन के संबंध में तथ्य जुटा रही है। तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।