संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आंदोलन की आड में सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सप्प ग्रुप व यूट्यूब पर फेक विडियो पोस्ट डालकर लोगों को अपील करने व उकसाने की साजिश हो सकती है। यह जानकारी एसपी उपासना ने दी है।
एसपी ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में कानून व्यवस्था संबंधित कोई मामला घटित होता है, तब असामाजिक तत्व भी मौके का फायदा उठाने के फिराक में रहते हैं। ऐसे मौके पर सोशल मीडिया पर गलत व झूठे प्रचार कर समाज में सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। ऐसे तत्व व्यक्तिगत तौर पर भी लोगों को उकसाने का प्रयास करते है। ऐसे लोगों पर पुलिस विभाग की ओर से पैनी नजर रखी जा रही है तथा पुलिस का खुफिया तंत्र भी अलर्ट पर है।
आमजन व समाज में सनसनी फैलाने वाली फेक पोस्टों पर सख्ती से अंकुश लगाने बारे सभी पुलिस अधिकारियों स्पष्ट निर्देश दिए गए है। एसपी ने लोगों से भी अपील की है कि बिना सच्चाई जाने अफवाह फैलाने वाली किसी भी पोस्ट व वीडियो को फारवर्ड न करे व अफवाहों से बचें। कहा कि असामाजिक तत्व आमजन, युवाओं व छात्रों को भी भ्रमित कर उन्हें भी गैर कानूनी कार्य करने के लिए उकसाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहे। किसी भी प्रकार की उकसाने वाली व अराजकता फैलाने वाली पोस्ट शेयर या फॉरवर्ड की जाती है तो कानून अनुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।