अटेस्डेट एडमिट कार्ड दिखाते परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पुलिस भर्ती की परीक्षा देने के लिए आए पंजाब, राजस्थान व रेवाड़ी सहित अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को अखिल भारतीय पब्लिक स्कूल में इंट्री नहीं मिल पाई। उनका कुसूर इतना था कि समय पर स्कूल मेें पहुंचने के बाद पता चला कि उन्हें रोल नंबर अटेस्ट करवाकर लाने थे। बाद में किसी ने जुगाड़ करके स्कूल में ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के प्रिंसिपल के नाम की मोहर का जुगाड़ कर 100-100 रुपये लेकर अटेस्ट कर दिया, इसके बावजूद उन्हें समय पर परीक्षा केंद्र में इंट्री नहीं दी गई और परीक्षार्थी परीक्षा पूरी होने तक केंद्र के बाहर बिलबिलाते रहे। बाद में कैथल में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर से भी शिकायत की।
परीक्षार्थी संजू, रविंद्र, राजकुमार, शेर सिंह, साहिल, गोबिंद सहित अन्य ने कहा कि वे मेवात, राजस्थान, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, पंजाब के पटियाला सहित कई जिलों से आए थे। यहां अखिल भारतीय पब्लिक स्कूल में साढ़े नौ बजे वे अंदर गए। जहां दूसरे गेट पर उन्हें रोक कर कहा गया कि उनके रोल नंबर गैजटेड ऑफिसर से अटेस्टेड नहीं हैं। इसलिए वे अंदर नहीं जा सकते। स्कूल में से ही किसी ने इस समस्या को जानते हुए एक वकील महोदय को बुलाया। साथ में कोई अध्यापक आए। जिन्होंने 100-100 रुपये लेकर फार्म अटेस्ट कर दिए। बच्चों की मानें तो ऐसे करीब 250 से अधिक विद्यार्थी थे। जिनसे 100-100 रुपये लिए गए। इसके बाद वे फिर परीक्षा के लिए अंदर जाने लगे तो उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि अब 10 बजकर 20 मिनट हो चुके हैं। इसलिए इंट्री नहीं हो सकती। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने भी प्रार्थना की कि वे इतनी दूर से आए हैं, रोल नंबर अटेस्ट भी हो गया। अब उन्हें अंदर जाने दें। लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। युवाओं ने कहा कि उन्होंने ड्यूटी पर आए प्रशासनिक अधिकारियों के पैर तक पकड़े, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्हें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के काफिले को रुकवाकर शिकायत करनी पड़ी।
वहीं परीक्षा केंद्र अधीक्षक मान ने कहा कि परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थी निर्धारित समय के बाद पहुंचे थे। जिस कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा सका। उनके स्कूल में किसी ने रोल नंबर अटेस्ट नहीं किए ना ही किसी से 100 रुपये लिए गए। ये किसने और क्यों लिए? इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। उनकी जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र के अंदर की है। बाहर की जिम्मेदारी सुरक्षा कर्मियों व बोर्ड की है।
उधर, सौंगल स्कूल के प्रिंसिपल दिलबाग ने कहा कि यदि उनके स्कूल की मोहर का प्रयोग किया गया है, तो यह फर्जीवाड़ा है। ना तो रविवार को उक्त स्कूल में गए और ना ही उन्होंने किसी का फार्म अटेस्ट किया।