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Kaithal News: कातिलों को ढूंढ न सकी पुलिस... सिस्टम से लड़ रही बहन

Tue, 17 Feb 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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नरेंद्र पंडित
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कैथल। कहते हैं कि न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है। यह बात ऋषिनगर निवासी विशाल मौण के परिवार, खासकर उनकी उस बहन पर सटीक बैठती है। 9 दिसंबर 2020 को एक निर्माणाधीन भवन में विशाल का शव मिलने के बाद से बहन इसे हत्या बताते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक मामले में एक भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मृतक की बहन नीतू मौण पिछले पांच वर्षों से अपने भाई को इंसाफ दिलाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने कई बार मामले की फाइल बंद करने की कोशिश की, जिसे परिवार के विरोध और हरियाणा के मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद दोबारा खोला गया।
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नीतू का कहना है कि जब पुलिस के पास साक्ष्य और नामजद आरोपियों की सूची मौजूद है तो फिर गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है। क्या पुलिस किसी दबाव में काम कर रही है? मामले की जांच सीआईए और स्थानीय पुलिस कर चुकी है। मंत्री विज दो बार एसआईटी भी गठित कर चुके हैं, लेकिन परिणाम अब तक शून्य है।

ये है मामला ः नीतू मौण के अनुसार, 8 दिसंबर 2020 को उनका विशाल भाई बाइक पर घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। कई बार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। 9 दिसंबर 2020 को शहर के महाराजा पैलेस के पास एक निर्माणाधीन भवन में विशाल का शव मिला।

परिजनों ने फोन कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि शुरुआती कागजी कार्रवाई के बाद जांच ठोस दिशा में आगे नहीं बढ़ी। हालांकि पुलिस अपने स्तर पर जांच जारी होने का दावा कर रही है।

मंत्री के दरबार में गूंजी बहन की गुहार ः स्थानीय पुलिस से निराश होकर नीतू मौण ने दो बार मंत्री अनिल विज के खुले दरबार में और जिला कष्ट निवारण समिति की चार-पांच बैठकों में गुहार लगाई। मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फाइल दोबारा खोलने के निर्देश दिए थे। मंत्री के सख्त रुख के बाद परिवार को उम्मीद जगी थी कि दोषी जल्द गिरफ्तार होंगे, लेकिन नतीजे सामने नहीं आए। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी मामला सुलझ क्यों नहीं पाया।
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अब सीबीआई जांच से अंतिम उम्मीद

लगातार विलंब से निराश परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की। कष्ट निवारण समिति की बैठक में बहन ने कहा कि स्थानीय पुलिस पर से उनका भरोसा उठ चुका है। मंत्री विज ने एसपी को केंद्रीय जांच एजेंसी को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की ओर से पत्र भेजा जा चुका है। दो दिन पहले मंत्री ने एसीएस को फोन कर मामले में तीव्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। अब परिवार को सीबीआई जांच से ही न्याय की उम्मीद है। संवाद
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