फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक करोड़ 43 लाख का गबन करने वाला सीनियर बैंक मैनेजर काबू

Fri, 25 Nov 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
कॉर्पोरेशन बैंक पूंडरी शाखा के सीनियर मैनेजर को पूंडरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
 किसान, दुकानदार व व्यापारियों के एक करोड़ 43 लाख रुपये का गबन करने वाले कॉर्पोरेशन बैंक पूंडरी शाखा के सीनियर मैनेजर को पूंडरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कॉर्पोरेशन बैंक के जोनल कार्यालय पंचकूला के डिप्टी जरनल मैनेजर की शिकायत पर पूंडरी पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी मैनेजर का तीन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान घोटाले की रकम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिस बारे कॉर्पोरेशन बैंक भी जांच पड़ताल कर रहा है।
विज्ञापन


एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि एसएचओ पूंडरी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने 23 नवंबर को आरोपी वतनदीप छौक्कर वासी सेक्टर 12 फेस 2 हुडा पानीपत को गिरफ्तार किया है। नकदी बरामद करने के लिए आरोपी का अदालत से 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। एसपी ने बताया कि 13 नवंबर को थाना पूंडरी में कार्पोरेशन बैंक के जोनल पंचकूला के डिप्टी जरनल मैनेजर एचएस नागेंद्रा की शिकायत पर धारा 406, 409, 420 तहत मामला दर्ज किया गया था।

डिप्टी जीएम के आरोप अनुसार आरोपी द्वारा स्वीकृत हुए ऋण, लिमिट में से बोगस तरीके द्वारा हस्ताक्षर व ब्लैंक चेक के माध्यम से धोखाधड़ी करते हुए प्रीतम सिंह हरसौला, रामकला ब्राहमणीवाला, कृष्कांन लाल हरसौला, शिबाराम काकौत, ललित सेगा, मनीष बालु, हरीश पूंडरी, मोनु पूंडरी, सतपाल कोटडा, नरेंद्र पूंडरी, राजपाल ढ़ांड, शलैंद्र हजवाना, ईशम सिंह कौल, जरनैल सिंह भाणा, विकास कुमार रामगढ़ पांडवा, कर्मबीर सिंह तितरम, गुरबचन सिंह खेड़ी सिकंदर, महेंद्र सिंह फ्रांसवाला, शमशेर सिंह पबनावा, नरेश कुमार मंडी टाऊनशीप कैथल, सतपाल नीमवाला-किच्छाना, प्रवीन पूंडरी, दयानंद पुंडरी सहित 23 किसान, दुकानदार तथा व्यापारी वर्ग के साथ धोखाधड़ी करना पाया गया है। इस संबंध में कॉर्पोरेशन बैंक व पूंडरी पुलिस पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन


पीड़ित किसानों मोनू पुत्र रघुबीर सिंह पूंडरी, कृष्ण पुत्र फूलुराम हरसौला, महेंद्र सिंह पुत्र छोटूराम फ्रांसवाला, ललित पुत्र सत्यवान सेगा, सतपाल पुत्र सुरजीत नीमवाला व जरनैल सिंह पुत्र मान सिंह भाणा ने बताया कि उनका खाता कार्पोरेशन बैंक में है। उनके खाते में से लिमिट की राशि निकलवाई गई है, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं लगी। मामले का खुलासा तब हुआ जब वे बैंक से लेन-देन करने गए। किसानों व अन्य दुकानदारों का कहना था कि बैंक मैनेजर ने उन्हें बेवकूफ बनाया और सारे पैसे हड़प लिए और अब उनके खाते से निकाली गई राशि पर ब्याज लग रहा है। किसान नेता भूराराम का कहना है कि असली आरोपी अब पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, इसलिए कानून को जो भी कार्रवाई उसके साथ करनी है, करे। लेकिन किसानों के खाते में जो पैसा खड़ा है उसे जल्द से जल्द निकला जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें