फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सचिवालय में प्रवेश के लिए पुलिस-लोगों में टकराव

Fri, 27 Jun 2014 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
विज्ञापन
विज्ञापन
मांगों के लिए नागरिक अधिकार संघर्ष समिति का शहर में प्रदर्शन, पांच सूत्रीय मांगपत्र डीसी को सौंपा, आधे घंटे तक होती रही धक्का-मुक्की, करनाल रोड पर जाम
विज्ञापन


सचिवालय में प्रवेश के लिए पुलिस-लोगों में टकराव

अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नागरिक अधिकार संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने वीरवार को शहर में प्रदर्शन किया तथा डीसी को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में उन्होंने पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। इससे पहले लघु सचिवालय में प्रवेश करने को लेकर आंदोलनकारियों और पुलिस में जमकर टकराव हुआ, जिसमें पुलिस कर्मचारियों के डंडे भी टूट गए।

करीब आधे घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का मुक्की चलती रही और इस कारण करनाल रोड पर लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के सामने जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक कड़ी धूप में चले संघर्ष के बाद प्रदर्शनकारियों को लघु सचिवालय मेें प्रवेश की अनुमति मिली।
विज्ञापन


सचिवालय का गेट बंद किया और जाम लगा
नागरिक अधिकार संघर्ष समिति के आह्वान पर संघर्ष समिति की वर्षगांठ पर इस रोष प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिक अधिकार संघर्ष समिति के बैनर तले लोग जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। वहां से एकत्रित होकर प्रदर्शनकारी करनाल रोड से होते हुए लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे। यहां पहुंच कर पुलिस ने मुख्य द्वार बंद कर दिया, जिस कारण प्रदर्शनकारी करनाल रोड पर ही जमा हो गए और भीड़ के चलते करनाल रोड पर जाम लग गया। उधर, गेट के दूसरी ओर भारी पुलिस बल तैनात था।

प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने लघु सचिवालय में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सड़क पर ही रोक लिया गया। अधिकारियों ने उन्हें धारा 144 लागू होने की बात कही। लेकिन प्रदर्शनकारी भड़क उठे तथा जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा, ‘अधिकारी एयर कंडीशंड कमरों में बैठे हैं, लेकिन कड़ी धूप में जनता को सड़क पर खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है’।

टकराव में पुलिसवालों के डंडे टूटे
इस दौरान प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे नेताओं का पुलिस के साथ जमकर टकराव हुआ, जिसमें पुलिस कर्मचारियों के डंडे भी टूट गए। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद एकबारगी तो नेताओं ने सड़क पर ही डटे रहने का फैसला कर लिया। इसके बाद डीसी को मौके पर ही बुलाने पर अड़ गए।

 बाद में तहसीलदार रोशन लाल प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कडे़ विरोध को देखते हुए डीसी से बातचीत कर प्रदर्शनकारियों को छोटे गेट से लघु सचिवालय के अंदर प्रवेश की अनुमति दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधिमंडल कामरेड इंद्रजीत, सुरेंद्र मलिक, फूल सिंह श्योकंद, तेलू राम गोयल, महेंद्र सिंह, राजपाल, कुंदन लाल, प्रेमचंद एवं मनीषा के नेतृत्व में डीसी से कैंपस कार्यालय में मिला। डीसी ने उनकी मांगाें को पूरा करने का आश्वासन दिया।

‘एक साल हो गया नहीं ली कर्मियों की सुध’
इससे पूर्व पार्क में समिति नेताओं भाकपा के प्रदेश सचिव कामरेड इंद्रजीत सिंह, किसान सभा के फूल सिंह श्योकंद, सीआईटीयू के प्रधान सुरेंद्र मलिक और कामरेड प्रेमचंद ने कहा कि जिला प्रशासन व सरकार की मिलीभगत के कारण एक साल बीत जाने के बाद भी समिति द्वारा किए जा रहे आंदोलन की सुध नहीं ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें