संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। पुरानी पेंशन स्कीम बंद कर अप्रैल 2004 से लागू की गई नई पेंशन स्कीम के खिलाफ संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के साथ केंद्र सरकार ने यूनीफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू कर खिलवाड़ किया है। यह बात रिटायर्ड कर्मचारी संघ प्रकोष्ठ के राज्य प्रधान महासचिव कुलभूषण शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी निरंतर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हैं। मई 2024 में हुए चुनाव में लगे झटके के बाद 24 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में एनपीएस की जगह यूनीफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) अप्रैल 2025 से लागू करने की घोषणा की।
आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय हरियाणा सरकार के सभी विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों व सहकारी संस्थानों के कर्मचारियों पर भी लागू होता है। शर्मा ने कहा कि एनपीएस की जगह यूपीएस का संकल्प लेने वाले कर्मचारियों को मूल वेतन की 10 प्रतिशत राशि प्रति माह कटवाना होगा।
पुरानी पेंशन स्कीम में 10 वर्ष की सेवा उपरांत पेंशन सुविधा देय हो जाती थी, जबकि यूपीएस में 25 वर्ष सेवाकाल उपरांत पेंशन सुविधा मिलेगी। पुरानी पेंशन में सेवानिवृति के समय 40 प्रतिशत पेंशन कंयूटेशन अधीन राशि देय थी, जिसकी प्रतिपूर्ति 15 वर्ष में सरकार द्वारा कर ली जाती थी, लेकिन यूपीएस में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।