कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन के नाम पर 3500 रुपये वसूलते हुए मरीज के इलाज के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। अस्पताल में सीटी स्कैन की रिपोर्ट 16 घंटे बाद उपलब्ध करवाई गई। रिपोर्ट के न आने तक चिकित्सकों ने मरीज को नाममात्र दर्द की गोली देकर वापस भेज दिया। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
जानकारी के अनुसार गांव ढांड के विक्रम नामक 18 वर्षीय युवक को कुछ शरारती तत्वों ने शुक्रवार शाम के समय चोट मार दी। उसके सिर पर काफी खून बह रहा था और पेट में भी दर्द था। उसे वहां से कौल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे प्राथमिक अस्पताल कैथल रेफर कर दिया गया। रात करीब आठ बजे विक्रम को कैथल के नागरिक अस्पताल लाया गया। वहां उस समय मौके पर आपातकाल में एक वरिष्ठ डाॅक्टर ड्यूटी पर थे। डाक्टर ने उसे मात्र एक दर्द का इंजेक्शन देते हुए कहा कि पहले इसकी सीटी स्कैन करवाएं बाद में उपचार होगा। उसे स्ट्रेचर पर सीटी स्कैन रूम ले जाया। वहां पर 3500 रुपये की फीस की मांग की। इस पर मरीज के सहायक ने फीस जमा करवा दी। करीब एक घंटा इंतजार के बाद उसका सिटी स्कैन किया। जब डाॅक्टर के पास गए थे तो उन्होंने सीटी स्कैन की फिल्म देख कहा कि इसमें कुछ गंभीर नजर नहीं आता। बिना सीटी स्कैन की रिपोर्ट के वे दाखिल नहीं कर सकते और आप इसे घर ले जाइए।
इसके बाद विक्रम का भाई हुसन सिंह फिर से डाॅक्टर व सहायक के पास गया तो उसे बताया कि आप इसकी फिल्म लेकर करनाल के सरकारी अस्पताल चले जाएं। यहां रेडियोलोजिस्ट नहीं है। इसलिए रिपोर्ट करनाल के अस्पताल से चिकित्सक तैयार करेंगे, लेकिन करनाल के अस्पताल में रेफरल स्लिप न होने के चलते मरीज को दाखिल नहीं किया गया।
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सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को भेजी शिकायत
विक्रम के परिजनों ने बताया कि उन्हें नागरिक अस्पताल के चिकित्सक और सहायकों ने जानबूझकर गुमराह किया है। ऐसे वे अकेले नहीं हैं रात को आपातकाल में आने वाले अधिकतर मरीजों के साथ ऐसा ही किया जा रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम कार्यालय व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी की है।
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जांच करवाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी
अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन पैनल के माध्यम से किया जा रहा है। सिटी स्कैन की रिपोर्ट में इतनी देरी व मरीज के साथ ऐसा व्यवहार सही नहीं है। वे सोमवार को इसकी जांच करवाएंगे। जांच रिपोर्ट के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।