संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महाग्राम योजना में शामिल होने के बाद अब जिले के गांव फरल और ढांड में भी जल्द योजना के तहत कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके तहत दोनों गांवों में पेयजल आपूर्ति और निकासी के लिए नई पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। विभाग की ओर से इन दोनों जगहों पर योजना के तहत करीब 46 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का एस्टीमेट तैयार किया गया है। हालांकि गांव फरल के लिए बनाए गए करीब 24 करोड़ रुपये के एस्टीमेट को तो स्वीकृति मिल चुकी है। अब जल्द ही ढांड में होने वाले कार्य को स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार जनस्वास्थ्य विभाग उन गांवों को महाग्राम योजना में शामिल करता है, जिनकी आबादी 10 हजार से अधिक है। ये दोनों गांव विभाग की ओर से निर्धारित की गई आबादी संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करते हैं, इसलिए विभाग ने इन्हें महाग्राम योजना में शामिल किया है। अगर वर्तमान स्थिति की बात करें तो ढांड में तो पेयजल और निकासी व्यवस्था फिर भी ठीक है, लेकिन गांव फरल में स्थिति ठीक नहीं है। निकासी न होने के कारण बरसात के दिनों में यहां पानी सडक़ों पर जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अब इन गांवों में कार्य होने से ग्रामीणों को दिक्कतों से निजात मिलेगी।
इससे पहले भी कई गांवों हैं योजना में शामिल ः जनसवास्थ्य विभाग इससे पहले भी गांव पाई, भागल, कौल, क्योडक़ व सीवन को महाग्राम योजना में शामिल कर चुका है। यहां पहले निकासी व्यवस्था खराब थी। योजना के तहत पेयजल और सीवरेज की लाइनें बिछने के बाद ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिली है। अब पहले की तरह सड़कों पर पानी जमा नहीं होता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता अरविंद रोहिल्ला ने बताया कि उपरोक्त दोनों गांवों को महाग्राम योजना में शामिल करने के लिए एस्टीमेट बनाकर विभाग के मुख्यालय को भेजे गए हैं। फरल को स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही ढांड के एस्टीमेट स्वीकृत होने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलते ही दोनों जगहों पर कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।