संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। किसान आंदोलन की वजह से जिले में पिछले तीन दिनों से इंटरनेट सेवा बंद है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसकी मार कैथल जिले के करीब 120 पेट्रोल पंपों पर भी पड़ी है। दरअसल, तमाम ग्राहक कैशलेस पद्धति से पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं।
ऐसे में किसान आंदोलन के चलते 50 प्रतिशत ग्राहक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न होने से खाली की लौट रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट न होने से लोग मजबूरी में कैश देकर अपना काम चला रहे हैं। जो लोग प्रतिदिन 500 रुपये का तेल डलवाते हैं उन्हें 100 रुपये का पेट्रोल डलवा कर ही काम चलाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि पेट्रोल पंपों पर एटीएम कार्ड, पेटीएम व तेल कंपनियों की ओर से ट्रांसपोर्टरों के बनाए गए कार्डों से होने वाली पेट्रोल व डीजल की बिक्री बाधित हुई है। कैथल जिला के पेट्रोल पंपों पर रोजाना कई करोड़ रुपये की कैशलेस सुविधा से तेल की बिक्री होती है। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर उसकी ग्रामीण, शहरी क्षेत्र के आधार पर कैशलेस तेल की बिक्री होती है।
रोजाना करीब 50 प्रतिशत ग्राहक लौट रहे वापस
शहर में कई पेट्रोल पंप तो ऐसे भी है, जहां पर रोजाना कई लाख रुपये के तेल की बिक्री सिर्फ कार्ड से होती है और ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे भी पंप है, जहां कैशलेस बिक्री 30-40 हजार रुपये रोजाना की होती है। ट्रक चालक भी कैशलेस तेल खरीदते है और इंटरनेट बंद होने से वह बिक्री भी नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन 50 प्रतिशत ग्राहक वापस खाली लौट रहे हैं। आम लोगों को भी परेशानी हो रही हैै और हमारा नुकसान। -कृष्ण कुमार, मैनेजर-अवध बिहारी पेट्रोल पंप
कैशलेस सुविधा से पेट्रोल डीजल खरीदते हैं लोग
आज के समय में बहुत लोग एटीएम, पेटीएम व अन्य कार्डों के माध्यम से कैशलेस सुविधा से पेट्रोल व डीजल खरीदते है और प्रदेश के जिन जिलों में इंटरनेट सेवा बंद की गई है, वहीं पर कैशलेस तेल की बिक्री बाधित हुई है। आज इंटरनेट हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है और इसके बंद होने से सिर्फ पेट्रोल पंप संचालक ही नहीं सभी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। -संजय शर्मा, ऑपरेटर- पेट्रोलपंप, जाट स्कूल के पास करनाल रोड