कलायत नगर पालिका में प्रदर्शन करते पार्कों के कर्मी
कलायत। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों के हितों के लिए बनाई गई नीति को कलायत नगर पालिका की ओर से दरकिनार करते हुए सात पार्कों मेंं तैनात सभी 8 कर्मियों को पांच माह से मेहनताना न देने का मामला सामने आया है।
इसमें 2 सिक्योरिटी गार्ड, 2 माली व चार सफाई कर्मी शामिल हैं। इन सभी ने पिछले पांच माह सेे मेहनताना न मिलने के कारण पार्कों का कार्य छोड़कर नगर पालिका कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया है। कुलदीप, नंदलाल, सुमित, रवि, लच्छो, जगसीर, रेखा व अमित कुमार ने कहा कि वेतन न मिलने के संबंध में एसडीएम को कुछ दिन पहले शिकायत दी गई थी।
इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके कारण उन्हें काम छोड़कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर पालिका की ओर से शहर के पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा कार्य के लिए एक एजेंसी को टेंडर दिया गया था। इसी एजेंसी के माध्यम से वे पार्कों में सफाई, रखरखाव, माली और अन्य कार्यों में लगे हुए हैं। एजेंसी की ओर से पिछले पांच महीनों से उनका वेतन नहीं दिया गया है। इससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पार्कों के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आरटीआई के साक्ष्यों सहित समाज सेवी सुरेंद्र बैद्य ने सरकार को शिकायत की थी। इस गंभीर मामले की जांच डीसी ने एडीसी को सौंपी थी। सुरेंद्र बैद्य ने बताया कि एडीसी जांच को पूरा कर चुके हैं। जांच रिपोर्ट पर डीसी कार्यालय को कार्यवाही करनी है लेकिन न जाने क्यों इतनेे लंबे समय से मामले में प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही। इसी का फायदा उठाया है।
कलायत नगर पालिका में प्रदर्शन करते पार्कों के कर्मी