संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर का गुस्सा जिले के लोगों में दिखा। बुधवार को आतंकवाद के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उन्होंने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। नृशंस हत्याओं के विरोध में जिलेभर में कई जगहों पर प्रदर्शन किए गए। इनमें नाराज लोगों ने नारेबाजी कर सरकार से आतंकवाद पर नकेल कसने की मांग की।
बुधवार शाम को पिहोवा चौक पर विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कैथल सहित शहर के लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ आक्रोष जताया। विरोध करते हुए आतंकवाद का पुतला जलाकर नारेबाजी की। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष चंद्रभान मित्तल ने कहा कि कि जिस तरह घाटी में धर्म पूछ-पूछ कर लोगों को मारा गया है। यह निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि घटना दर्शाती है कि इस्लामिक आतंकवाद देश में किस हद तक पनप चुका है। संत त्रिवेणी दास ने कहा कि सरकारें सबका साथ सबका विकास पर जोर दे रही है, लेकिन हर बार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की मांग की।
महंत रमनपुरी ने कहा कि कश्मीर में आतंकियों की सफाई का अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है। इस दौरान प्रदर्शन की अध्यक्षता संत त्रिवेणी दास व महंत रमनपुरी ने की।
कलायत में प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
कलायत। पहलगांव घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद व अन्य संगठन सड़कों पर उतर पड़े। आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों ने नारेबाजी की और एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने कहा कि मंगलवार को पहलगांव में आतंकियों ने निर्दोष सैलानियों से धर्म पूछ-पूछकर गोलियों से मारा। यह निंदनीय है। हिंदू संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि आतंकवाद को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए।
प्रदर्शन में विहिप के बीरभान निर्मल, निशीकांत शर्मा, विशाल शांडिल्य, रूप शर्मा, अनिरुद्ध गौतम, पार्षद रविंद्र निर्मल बंटी, पार्षद जगदीश रायका, दीपक निर्मल, महेंद्र रायका शामिल रहे। संवाद
चीका में कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि
गुहला-चीका। कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के विरोध में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद, भारत विकास परिषद, जन शक्ति मंच, सनातन धर्म महावीर दल, अग्रवाल धर्मशाला, भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शहर के शहीद ऊधम सिंह चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पाकिस्तान व आतंकवाद का पुतला जलाया। साथ ही कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, विश्व हिंदू परिषद चीका इकाई के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कौशिक, संजीव मित्तल, भारत विकास परिषद चीका इकाई के संरक्षक डॉ. विनोद गुप्ता, भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष मांगे राम जिंदल, पार्षद राजेश ठाकुर ने कहा कि कश्मीर में आतंकियों ने जिस प्रकार से पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर गोलियां मारी है। यह घिनौनी हरकत है।
उन्होंने कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से जब से धारा 370 को हटाया है तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आंतरिक हालात बहुत खराब है और वह पाकिस्तानी नागरिकों को आतंकवाद में झोंक कर उनका ध्यान भटकाए रखना चाहता है। जन शक्ति मंच के संरक्षक डॉ. सुरेंद्र बंसल ने केंद्र सरकार से मांग की कि अमर अब्दुला सरकार को तत्काल बर्खास्त कर कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। संवाद
एसएफआई ने की निंदा सख्त कार्रवाई की मांग
कैथल। कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए भीषण आतंकवादी में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई) हमले की कड़ी निंदा करता है जिसमें 28 निर्दोष लोगों की जान चली गई। पीड़ितों के शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एसएफआई की केंद्रीय कार्यकारिणी कमेटी उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करती है।
संस्था ने कहा कि इसके अपराधियों को तुरंत पकड़ा जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। पुलिस और सुरक्षा बल केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं इसलिए इस तरह के हमले को रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति में यह आवश्यक है कि इस कायरतापूर्ण कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ा जाए और उन्हें दंडित किया जाए।
उन्होंने कहा, हम केंद्र से इस त्रासदी के हर पहलू की गहन जांच करने का आग्रह करते हैं जिसमें घाटी में पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा संबंधी ऐसी बड़ी चूक भी शामिल है। स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया इस दुख की घड़ी में भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार से आतंकवाद से ग्रसित क्षेत्र में पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की भी मांग करते हैं। संवाद