कैथल। वर्षा ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। खेल के प्रति जुनून और लगातार मेहनत के दम पर वर्षा ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते, बल्कि आज वह उत्तरी रेलवे के अंबाला मंडल में सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
वर्षा बताती हैं कि उन्होंने 16 साल की उम्र में एथलेटिक्स में कदम रखा। गांव के कई लोग कहते थे कि खेलों से कुछ नहीं होगा और बेटी की शादी कर देनी चाहिए। माता-पिता ने कभी हिम्मत नहीं टूटने दी और हमेशा कहा कि वह अपनी मेहनत और अभ्यास पर ध्यान दें। बाद में शादी और बेटी के जन्म के बाद जिम्मेदारियों के कारण उन्हें ब्रेक लेना पड़ा, लेकिन उनके अंदर का खिलाड़ी कभी खत्म नहीं हुआ।
अब वह फिर से पूरी मेहनत के साथ मैदान में लौट आई हैं और उसी मुकाम को हासिल करने के लिए दिन-रात अभ्यास कर रही हैं।
जीते कई पदक : वर्षा ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में 5 किलोमीटर दौड़ में रजत पदक जीता।
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भी रजत पदक अपने नाम किया। रेलवे की प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है।
उन्होंने लगातार चार वर्षों तक रेलवे की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। संवाद
रोजाना चार घंटे करती हैं अभ्यास
31 वर्षीय वर्षा आज भी अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर हैं। वह रोजाना सुबह दो घंटे और शाम को दो घंटे अभ्यास करती हैं। सप्ताह में पांच दिन अंबाला में और दो दिन चीका में प्रशिक्षण लेती हैं। उनका मानना है कि खेल में सफलता पाने के लिए अनुशासन और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि उनके पति अमन आईटीबीपी में कार्यरत हैं और वे भी खिलाड़ी हैं।