तीखी धूप लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। धूप के साथ उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेहाल हो गया है। दिनभर लोग गर्मी से बचने के लिए एसी, कूलर व पंखों का सहारा ले रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि सोमवार सुबह नौ बजे तेज धूप निकल आई। तेज धूप के बाद तापमान में बढ़ोतरी हो गई। महिला, युवतियां व युवा चेहरे ढककर सडक़ों पर चलते दिखाई दिए। गर्मी से बचने के लिए नहरों में भी बच्चे व युवक नहाते दिखे। मौसम विज्ञानिक रमेश चंद्र ने बताया कि 8 जुलाई को मानसून का अनुमान लगाया गया है। रोपाई की गई धान का पानी न सूखने दें, थोड़ा थोड़ा पानी जरूर रखें। आठ के बाद पानी लगाएं।
डॉक्टर प्रदीप नागर ने बताया कि गर्मी बढ़ने से बीमार होने का खतरा बना रहता है। इससे स्वयं को बचाएं एवं अन्य लोगों को भी इससे बचने की सलाह दें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर ही बाहर निकले। गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही धूप में निकले। छतरी का प्रयोग करें। पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। धूप में खड़े होकर व्यायाम व गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का प्रयोग करें। गर्मी के दिनों में अपने घरों को ठंडा रखें। दरवाजे एवं खिड़कियां बंद रखें। रात में तापमान कम होने के समय खिड़कियां दरवाजे खोलें।