कलायत। शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात से लोग दहशत में हैं। स्थानीय निवासी भोलाराम और नरेश वर्मा ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में ही बंदर छह से अधिक लोगों को काट चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग अब घरों से बाहर निकलते समय हाथों में लाठी-डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं।
महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए गलियों में निकलना जोखिम भरा हो गया है। कपिल मुनि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी सुरक्षित नहीं हैं। बंदर उनका सामान छीन लेते हैं और विरोध करने पर हमला कर देते हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
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जल्द चलाया जाएगा विशेष अभियान : नगरपालिका सचिव पवन शर्मा ने बताया कि प्रशासन बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द ही विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका की टीम इन बंदरों को योजनाबद्ध तरीके से पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह शहर को बेसहारा गोवंश से मुक्त कर गोशालाओं में भेजा गया था, उसी प्रकार बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी विशेष टीम सक्रिय कर दी गई है।