कैथल। गांव धनौरी में आयोजित संत धन्ना भगत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का अलग अंदाज दिखा। सधे हुए अंदाज में मुख्यमंत्री ने न केवल धन्ना भगत सहित देश के तमाम संतों को नमन किया, बल्कि विरोधियों को सीधा जवाब भी दे दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि इन्हें अब कहां से याद आ गया धन्ना भगत? हम कहते हैं कि आप को याद भी नहीं आया। हमने याद कर उनकी शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लिया है। वहीं समारोह में मुख्य अतिथि ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी हरियाणा सरकार की ओर से संतों की जयंती मनाने की पहल की सराहना की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में नेताओं की छवि इतनी खराब थी कि वे मंच से बता भी नहीं सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से हरियाणा संतों की जयंती मनाकर उनके आदर्शों पर चलते हुए राजनीति को स्वच्छ बनाने में जुटा है। संत धन्ना भगत, संत कबीर, महर्षि वाल्मीकि, गुरु रविदास, गुरु नानक देव, दशम पातशाही सहित अनेकों संत हुए हैं, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सहित बहुत सी बुराइयों को संतों की शिक्षा से समाप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा बदल रहा है। महिलाएं बेटी के जन्म पर कुंआ पूजन करती हैं। खापों का इस दिशा में अहम योगदान है। अंग्रेजी मीडिया ने खापों को बदनाम किया है। कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पहले पिता या दादा के नाम या अपने नाम से संस्थानों का नाम रखते थे, लेकिन अब हरियाणा में महापुरुषों के नाम से नामकरण किया जा रहा है।
सीएम बोले-आवास का नाम संत कबीर भगत कुटीर रखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का संदेश जनता में जाना जरूरी है। यही कारण है कि उन्होंने अपने आवास का नाम संत कबीर भगत कुटीर किया है। सीएम ने इस कार्यक्रम में गीता, कबीर, धन्ना भगत व गुरुनानक की शिक्षाएं भी सुनाईं।