संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला समाज कल्याण विभाग ने पेंशन स्कीम में बड़े स्तर पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान की है। कैथल जिले के 2,953 लोगों की पेंशन तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है। इन लाभार्थियों को सितंबर और अक्तूबर महीने की पेंशन जारी नहीं की जाएगी। साथ ही 12 फीसदी ब्याज सहित पहले दी गई पेंशन भी वसूलने की तैयारी है।
विभाग द्वारा पेंशन लाभार्थियों के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन लगातार किया जा रहा है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय व अन्य सरकारी लाभ का डेटा अपडेट होने पर सामने आया कि प्रदेश में 36 हजार से अधिक
लाभार्थियों की आय पेंशन पात्रता सीमा से अधिक है, फिर भी वे वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रहे थे।
जिन लोगों ने गलत आय दर्शाकर पेंशन ली है, उनसे पहले आय-संबंधी दस्तावेज मांगे जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी अपनी पेंशन पात्रता साबित नहीं कर पाता, तो पूरी राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। इससे अपात्र पाए गए लाभार्थियों में अफरा-तफरी का माहौल है। कुछ लोग अब पीपीपी डेटा दुबारा अपडेट कराने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसी सूची जिलों को भेजी गई है जिनमें उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने गलत तरीके से पेंशन ली है। उन्हें पात्रता साबित करने का मौका दिया जाएगा। यदि वे पात्र साबित नहीं होते तो कार्रवाई करते हुए रिकवरी नोटिस जारी किए जाएंगे। -धर्मवीर सिंह, जांच अधिकारी, जिला समाज कल्याण विभाग
टॉप-10 जिले, जहां सबसे अधिक अपात्र पेंशनधारी मिले
जिला
अपात्र
जींद
3,858
पलवल
3,134
हिसार
2,962
कैथल
2,953
सोनीपत
2,739
जिला
अपात्र
करनाल
1,852
सिरसा
1,846
यमुनानगर
1,662
मेवात
1,649
पानीपत
1,630