संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। किसान आंदोलन को देखते हुए टटियाना बॉर्डर सील है। नतीजा.... यहां पर वाहन नहीं चल रहे हैं। ऐसे में पैदल चलने वाले राहगीर परेशान हो रहे हैं। अब दोपहर मंें तापमान बढ़ने से ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं।
हरियाणा-पंजाब के घग्गर नदी पुल पर स्थित टटियाना बॉर्डर पंजाब को जोड़ने वाला बॉर्डर जहां पिछले आंदोलन के समय व्यवस्थाएं उतनी दुरुस्त नहीं थी, इस बार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर की हुई है। दरअसल, कैथल पुलिस ने तीन साल पहले हुए आंदोलन से सबक लिया है। यही वजह है कि इस तरीके के छोटे बॉर्डर्स को भी बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया था। टटियाना बॉर्डर जो कि हरियाणा को पंजाब से जोड़ने वाला बॉर्डर है। अगर किसान इस रास्ते से भी आने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोकने के लिए यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। हालांकि, छोटे और वैकल्पिक रास्तों के बॉर्डर को खोलने के बाद भी स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टटियाना बॉर्डर पर पैदल चलने वाले राहगीरों की मौसम में उमस व गर्मी होने से परेशानी बढ़ने लगी है
उधर, टटियाना बॉर्डर पर वहीं इन सब के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसे देखकर कोई भी ये सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि मौसम में उमस व गर्मी होने से बच्चे को गोद में लेकर पैदल चलती हुई मां ने कहा आखिर कब बंद होगा ये किसान आंदोलन। कब बार्डर खोलेगी सरकार। पटियाला मार्ग के सील होने के बाद समाना, पटियाला व चंडीगढ़ को जाने वाले यात्री चीका पटियाला रोड पर भटकते नजर आए। लोग अपनी बसों का इंतजार कर रहे थे।