कैथल। जिले के गांव कुलतारन की लगभग 18 वर्षीय युवा बॉक्सिंग खिलाड़ी पायल किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उन्होंने मुक्कों से लोगों की सोच बदली है और रूढ़ियों को रिंग में पटका है। अपने दमदार खेल और अथक मेहनत से उन्होंने केवल देश में पहचान बनाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
पायल मुक्केबाजी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदक जीत चुकी है। पिछले वर्ष खेल महाकुंभ में उसने स्वर्ण पदक हासिल किया था। वर्तमान में वह ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य से इंडोर स्टेडियम में तैयारी कर रही हैं
पायल ने बताया कि उन्होंने बॉक्सिंग का सफर मात्र दो वर्ष पहले शुरू किया था। पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की संकीर्ण सोच के बीच उसने अपने सपनों को पंख देने का साहस दिखाया। बॉक्सिंग कोच अमरजीत ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने की राह पायल के लिए आसान नहीं रही। उन्होंने बताया कि समुदाय की रूढ़िवादी सोच के बावजूद पिता और बेटी दोनों ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि शुरू से ही उसमें जीतने की ललक दिखाई देती थी। मैंने उसमें कभी डर नहीं देखा। उसकी दृढ़ता और जुनून ने इसे मुकाबलों में अजेय बनाया।
कोच ने बताया कि पायल छह बहनों और एक भाई में से है। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद परिजनों ने उसका हौसला बनाए रखा। पायल ने पढ़ाई को भी अपने साथ जारी रखा ताकि खेल और शिक्षा दोनों में नई पहचान बनाई जा सके। आमतौर पर खिलाड़ी पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं, लेकिन पायल ने इस सोच को भी बदलकर दिखाया। पायल कामयाबी का श्रेय पिता की मेहनत और उनके लगातार प्रोत्साहन को देती है। संवाद
कई रिकार्ड हैं नाम
g जूनियर विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप , 2023 ः स्वर्ण पदक
g जूनियर एशियन चैंपियनशिप , 2024 (अबू धाबी) ः स्वर्ण पदक
g जूनियर नेशनल, 2023 ः स्वर्ण पदक
g जूनियर नेशनल, 2024 ः स्वर्ण पदक
g सब-जूनियर नेशनल, 2022 ः स्वर्ण पदक
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हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप 2022 ः स्वर्ण पदक
पायल सेंटर में आने वाली पहली लड़की थी। उसके भीतर शुरुआत से ही कुछ बड़ा करने का जुनून था। उसने कभी डर को पास नहीं आने दिया, इसी कारण वह आज इस मुकाम पर है। -अमरजीत, बॉक्सिंग कोच