संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दो दिनों से हड़ताल पर बैठे पटवारियों ने हड़ताल को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब सोमवार और मंगलवार को भी पटवारियों व रजिस्ट्री संबंधी कार्य नहीं हो पाएंगे। अगले चार दिनों तक पटवारी व कानूनगो राजस्व विभाग से जुड़ा काम नहीं करेंगे।
ऑटो म्यूटेशन पोर्टल में खामियों व डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य मांगों के लिए पटवारी दो दिन से हड़ताल पर हैं। हालांकि शुक्रवार को बारिश के कारण पटवारियों ने लघु सचिवालय की जगह पटवार भवन के हॉल में ही धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर चहल और महासचिव सन्नी दहिया ने कहा कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड की देखभाल और नागरिकों से जुड़े कार्यों में पटवारी व कानूनगो की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन तकनीकी खामियों और संसाधनों की कमी के कारण कर्मचारियों के साथ-साथ लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिनों की सांकेतिक हड़ताल के बावजूद सरकार ने बातचीत के लिए कोई पहल नहीं की है और ना ही कोई सकारात्मक रुख दिखाया है। यही कारण है कि हड़ताल को दो दिन के लिए और बढ़ाया गया है, लेकिन अब भी अगर सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। इस मौके पर जिला प्रधान सुरेंद्र खटकड़, प्रदेश प्रचार सचिव सुखविंदर सिंह, कानूनगो संजय कुमार, दिलबाग सिंह, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, सुमित, विरेंद्र सिंह, रामनिवास व राजेश एडवोकेट मौजूद रहे।
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एसोसिएशन की प्रमुख मांगे
- जमाबंदी और इंतकाल से संबंधित पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ ही तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी पटवारियों पर डालने के बजाय आईटी विभाग की टीम से इन्हें दूर कराया जाए।
- इंतकाल की कानूनी मान्यता के लिए संशोधित भूमि रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर जल्द लागू किया जाए। जब तक पोर्टल पूरी तरह तकनीकी रूप से दुरुस्त नहीं होता, तब तक प्रत्येक तहसील में कम से कम एक गांव में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करवाकर उसकी खामियों को दूर किया जाए।
- अन्य राज्यों की तर्ज पर प्राइवेट सिस्टम से डिजिटल क्रॉप सर्वे करवाने अथवा इसकी रेंज को 80 मीटर से बढ़ाकर 150 मीटर करने की मांग की है। साथ ही सर्वे के दौरान फेस मॉनिटरिंग समेत तकनीकी दिक्कतों का समाधान करने की मांग की गई है।
- पटवारियों को सर्वेक्षण संबंधी कार्य के लिए पूरा प्रशिक्षण दिया जाए तथा कानूनगो को तकनीकी रूप से सक्षम उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि कार्य में अनावश्यक दिक्कत न आए।
- कई वर्षों से लंबित एलटीसी संबंधी गिरदावरी भत्ता/मांगों के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की गई है।
- पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर कानूनगो की सिलेक्शन आधारित एसीआर की व्यवस्था को लागू करने की मांग की गई है, ताकि कर्मचारियों की पदोन्नति व सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता रहे।
- सभी कर्मचारियों के कार्यालयीन कार्य को सुचारु बनाने के लिए तहसीलों में कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर व फील्ड में काम करने के लिए टैब उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।
लोगों ने दूसरे दिन भी झेली परेशानी
पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर जाने से आम लोगों को दूसरे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए हो रही क्योंकि इनसे संबंधित दस्तावेजों पर पटवारियों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। इसके अलावा लोन उतारने चढ़ाने, जमाबंदी नकल, जमाबंदी में त्रुटियां, इंतकाल दर्ज करने व रजिस्ट्री जैसे सभी कार्य ठप हो गए हैं। जिले में पहले ही करीब 5 हजार इंतकाल लंबित हैं। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल ने समस्या को और बढ़ा दिया है।