02-कलायत। तहसील कार्यालय में औचक निरीक्षण कर लोगों से बात करते डीसी संगीता तेतरवाल।
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कलायत। कलायत तहसील में निरीक्षण के दौरान सोमवार को रिश्वत की शिकायत पर डीसी संगीता तेतरवाल ने पटवारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। दरअसल, एक फरियादी ने उनसे शिकायत की थी कि पटवारी ने 40 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में पांच हजार रुपये में बात तय हुई और इसमें से उसने तीन हजार रुपये दे भी दिए। अभी दो हजार रुपये और दिया जाना है।
कलायत में तहसील कार्यालय और अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के लिए सोमवार को डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल पहुंची। निरीक्षण के बाद सुबह करीब 11 बजे वहां खड़े लोगों से संवाद किया। इस बीच मौके पर गांव भालंग निवासी दर्शन कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि कलायत में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। उसने बताया कि पटवारी बलराम व एक अन्य पटवारी ने इंतकाल के बदले 40 हजार रुपये उससे मांगे थे। बाद में पांच हजार रुपये देने पर सहमति बनीं। वह तीन हजार रुपये पटवारी को दे चुका है लेकिन अभी तक उसका इंतकाल व खेवट अलग करने का काम नहीं किया जा रहा। इस पर डीसी ने नायब तहसीलदार हरिंदर पाल को आदेश दिए कि मामले में जांच उपरांत खेड़ी शेरखां क्षेत्र के पटवारी बलराम को सस्पेंड किया जाए।
इसी प्रकार एक अन्य ग्रामीण रणधीर ने शिकायत करते हुए कहा कि वह कई बार अपने कागजों में नाम बदलवाने के लिए चक्कर लगा चुका है, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसके लिए उसने शपथ पत्र तक दे लिया लेकिन नाम बदलाव नहीं किया जा रहा। डीसी ने मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि यदि कोई भी कर्मचारी किसी से पैसे मांगता है उसकी सूचना तुरंत लिखकर वरिष्ठ अधिकारी को दें। इसके अलावा लोगों की तहसील में पंखे व टूटे फर्श की शिकायत पर डीसी ने कहा कि नई बिल्डिंग बन गई है, जल्दी ही कार्यालय को उसमें शिफ्ट कर दिया जाएगा।
इसके बाद उपायुक्त द्वारा कलायत सीएचसी में शौचालय, डिलीवरी रूम, दवाइयां बांटने वाला स्थान आदि का औचक निरीक्षण किया। सीएचसी में सफाई व्यवस्था व अन्य व्यवस्था दुरुस्त मिली। बाद मेंपत्रकारों से बातचीत में डीसी ने कहा कि उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया है। यहां काम अच्छी तरह से किया जा रहा है। सीएमओ बधाई के पात्र हैं। अस्पताल में आधारभूत ढांचा पूरा है तथा लोगों को चाहिए की प्राइवेट अस्पताल में न जाकर सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं का लाभ उठाएं। तहसील में कुछ समस्याएं मिली हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। गांव बालू में स्थित हड़प्पा संस्कृति के टीले की जमीन को राजस्व अधिकारियों द्वारा अपने चहेतों में बांटने बारे पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इस मामले को व्यक्तिगत तौर पर वे देखेंगी।