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मरीजों को देनी होगी पता एवं मोहर लगी स्लिप

Tue, 25 Mar 2014 12:19 AM IST
अमर उजाला कैथ्ाल
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कैथल। अब अल्ट्रासाउंड करने के लिए चिकित्सकाें को मरीजों की स्लिप पर मोहर समेत पूरा पता एवं पद अंकित करना होगा। यह फैसला सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. अदित्य स्वरूप गुप्ता की अध्यक्षता में हुई जिला पीएनडीटी कमेटी की मीटिंग में लिया गया। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि एमबीबीएस डॉक्टर को छोड़कर स्टॉफ नर्स या अन्य कोई भी स्वास्थ्य कर्मी अल्ट्रासाऊंड के लिए रैफर नहीं कर पाएगा। यदि डॉक्टर के पूरे विवरण के बिना कोई डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ पीएनएडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. अदित्य स्वरूप गुप्ता ने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि कोई भी कर्मचारी या चिकित्सक अल्ट्रासाउंड की स्लिप बनाकर दे देता है। इससे कन्या भ्रूण हत्या संबंधी संभावनाएं बनी रहती हैं, लेकिन अब जो भी डॉक्टर मरीज को अल्ट्रासाउंड के लिए रैफर करेगा, उसे अपना पूरा पता एवं मोहर लगाकर स्लिप देनी होगी। ताकि निरीक्षण के दौरान पता चल सके कि जिस मरीज का अल्ट्रासाउंड हो रहा है, वह वाकई किसी डॉक्टर ने रैफर किया है। उन्होंने कहा कि निजी अल्ट्रासाउंड संचालक इस बात का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि हरियाणा भर के जिन 12 जिलों में किए गए सर्वे के अनुसार लिंगानुपात में सुधार पाया गया है, उसमें कैथल जिला भी शामिल है।
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इस अवसर पर पीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ. रेणु चावला ने जिले में स्थापित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरवरी 2014 तक कैथल जिला में 22 अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत हैं और उनमें एक सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्र भी है। इस एक्ट में किए गए प्रावधानों के अनुसार उक्त अवधि तक 47 बार इन अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निरीक्षण किया गया है।
बैठक को संबोधिकत करते हुए कमेटी के अध्यक्ष डीसी एनके सोलंकी ने कहा है कि गांव धौंस व तितरम गांवों की ग्राम पंचायतों को गांव में लिंगानुपात में बेहतर सुधार करने के लिए सरपंच सहित आंगनबाड़ी वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा वर्कर व संबंधित सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डाक्टरों को उनके कारगर प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों का लिंगानुपात 800 से कम है, उनकी बैठक बुलाकर उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष मुहिम चलाई जाए। इस मौके पर  उप सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. शशि त्रिपाठी, चिकित्सा अधीक्षक नरेश वर्मा, पीएनडीटी कमेटी के अन्य सदस्यों में जिला बाल कल्याण अधिकारी सुशील पांचाल, कार्यक्रम अधिकारी सरिता चौहान, सहायक सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी महेंद्र खन्ना, रामप्रसाद बंसल, आईएमए की अध्यक्ष डॉ. अशोका जिंदल, सचिव डॉ. कविता जिंदल, आरकेएसडी कालेज से सहायक प्रोफेसर विजेंद्र कुमार, आईजी कालेज से ममता सोनी, एस.के. अग्रवाल कार्यकारी अभियंता, पी.पी. कौशिक एडवोकेट, आयुष विभाग से डॉ. जितेंद्र गिल, खंड विस्तार शिक्षक राजेश कुमार, कविता कुमारी, पूनम गुगलानी मौजूद रहे।
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