कैथल। ‘अमर उजाला’ के अभियान के बाद जिला अस्पताल में प्रवेश द्वार से पार्किंग फीस वसूलने के लिए लगाया नाका हटा लिया है। एक जुलाई को यह नाका लगाया था। शुक्रवार को नाका हटाकर अस्पताल परिसर में पार्किंग के लिए जगह निश्चित कर दी गई। जहां वाहन खड़ा करने पर ही लोगों की पार्किंग की पर्ची काटी जाएगी। जो व्यक्ति केवल मरीज छोड़ने आया है और वह पार्किंग में वाहन खड़ा नहीं करना चाहता है तो उसकी पर्ची नहीं काटी जाएगी।
‘अमर उजाला’ ने पिछले पांच दिन से लगातार इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया। विदित रहे कि एक जुलाई से प्रशासन ने रेडक्रॉस की आय बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल में पार्किंग के लिए 17 हजार रुपये प्रति माह के आधार पर ठेका छोड़ा था। ठेकेदार ने एक जुलाई से ही जिला अस्पताल के गेट पर नाका लगाकर मोटरसाइकिल के लिए 10 रुपये, कार के लिए 20 रुपये एवं साइकिल के लिए 2 रुपये वसूलने शुरू किए। उन लोगों की भी पर्ची काटी जा रही थी, जो केवल मरीज छोड़ने आ रहे थे, या फिर केवल खाना व अन्य सामान देने अस्पताल आ रहे थे। न केवल मरीजों, बल्कि उनके साथ आने वाले लोगों को भी परेशानी होती थी।
स्टॉफ सहित लोगों को मिली राहत
अब पार्किंग के लिए कैंटीन एवं वाहन शेड के बीच में जगह दी गई है। जहां वाहन खड़ा करने पर ही लोगों को पार्किंग फीस देनी होगी। इसके अलावा जो व्यक्ति केवल वह मरीज छोड़कर वापस जाना चाहता है तो उसकी पर्ची नहीं कटेगी।
प्रशासन के इस फैसले से स्टॉफ सहित लोगों ने बड़ी राहत ली है। मरीजों के साथ आए लोगों ने कहा कि वैसे तो अस्पताल में पार्किंग फीस का कोई मतलब ही नहीं बनता। यदि पार्किंग फीस लेनी भी है तो इसके लिए जगह निश्चित की जानी चाहिए थी। पहले से ही यह तय होना चाहिए था। स्टॉफ सदस्यों ने बताया कि उन्हें भी बार-बार बेवजह टोका-टाकी से मुक्ति मिली है। समय भी बचेगा।
रेडक्रॉस सचिव बलवान सिंह ने बताया कि अस्पताल में प्रवेश द्वार पर पर्ची काटने के बजाये अब अंदर जगह निश्चित की गई है। वहीं पर्ची काटी जाएगी। लोगों को परेशानी नहीं होगी।
कोट
मरीजों की सुविधा के लिए ही पार्किंग शुरू की गई है। यहां हर रोज मोटरसाइकिल चोरी हो रही थी। इस कारण यह शुरू की गई। प्रवेश द्वार से हटाकर इसके लिए अब जगह निश्चित कर दी गई है।
डा. आरपी पूनिया, सीएमओ।