कैथल। पुराने शहर में स्थित बाजारों के जाम की समस्या से निजात दिलवाने के लिए तैयार किए जाने वाला पार्किंग भवन चार मंजिला होगा। इसके लिए डीपीआर को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। जल्द ही इसे सरकार की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस पर अनुमानित 15 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शहर में मुख्य रूप से पुराने शहर के बाजारों के इलाकों में जाम से मुक्ति के लिए यह पार्किंग प्रोजेक्ट प्लान किया था। जो लगभग दस सालों से अधूरा पड़ा है।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने शहर में थाना शहर, सनातन धर्म मंदिर व नगर परिषद कार्यालय के बीच की जगह में पार्किंग के लिए प्लानिंग की थी। इसके लिए लगभग दो मंजिल गहराई तक खोदाई करके मिट्टी भी हटा दी थी। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और कैथल में यह लोगों की जरूरत का प्रोजेक्ट अधूरा ही रह गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल में सरकार आने पर पहली रैली में अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने की घोषणा भी की थी। इसके बावजूद यह अधूरा पड़ा रहा।
पिछले साल नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने चुनाव जीतने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम करने की बात कही थी। इसके लिए विशेषज्ञों से डीपीआर तैयार करवाई गई है। डीपीआर में इस भवन के लिए चार मंजिला भवन बनाने की योजना है। इसके अनुसार, दो मंजिला भवन बेसमेंट में रहेगा। तीसरी मंजिल, जो जमीन के ऊपर दिखेगी, उस पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। इसके बाद चौथी मंजिल पर भी पार्किंग की जगह दी जाएगी।
इन बाजारों में मिलेगी जाम से मुक्ति
इस समय पार्किंग की सुविधा न होने के कारण लोग अपनी गाड़ियों को गीता भवन मंदिर, थाना शहर के बाहर की जगह में, राजकीय कन्या विद्यालय के बाहर सड़क पर गाड़ियों को खड़ा करते हैं। पार्किंग प्रोजेक्ट पूरा हो जाने के बाद इस जगह में खड़ी होने वाली गाड़ियों को पार्किंग में खड़ा किया जा सकेगा। इससे मुख्य बाजार, सर्राफा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, मेन बाजार, तलाई बाजार व शहर के अन्य संकरे बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही इन बाजारों से निकलने वाले लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि पार्किंग प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर लगभग तैयार है। इसे जल्द ही सरकार के पास प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस पर लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह चार मंजिला भवन होगा।