ब्लॉक की पांच पंचायतों ने अपनी सारी पंचायत का चुनाव आपसी सहमति से किया है। अब इन पंचायतों को सरकार की ओर से 11-11 लाख की स्पेशल ग्रांट मिलेगी। वहीं केवल सरपंच का चुनाव आपसी सहमति से करने वाली दो पंचायतों को पांच-पांच लाख मिलेंगे। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में देर रात तक नामांकन पत्रों को सिलसिलेवार लगाकर ऑनलाइन करने का काम जोरों पर था।
गुहला खंड की ग्राम पंचायत खेड़ी दाबन में सरपंच प्रीतम सिंह, रत्ताखेड़ा घड़ाम में सरपंच कुलविंद्र कौर, बुढनपुर गुजरान में सरपंच हरदीप कौर, सरकपुर में सरपंच गुरजंट सिंह, थेह बुटाना में सरपंच गुरमीत कौर सहित सारे के सारे पंचों का चुनाव भी निर्विरोध कर लिया गया है।
पहली बार वजूद में आई ग्राम पंचायत डेरा गुरु गोबिंद सिंह नगर में सरपंच राजविंद्र कौर व ग्राम पंचायत खंबहेड़ा में सरपंच जसविंद्र कौर सर्वसम्मति से सरपंच बनी हैं। पंचों के लिए सहमति न बनने के कारण इन दोनों पंचायतों को केवल 5-5 लाख की विशेष ग्रांट से ही संतोष करना पड़ेगा।
गुहला ब्लाक की कुल 66 पंचायतों में पंच पद 115 पर वार्डों में भी सहमति होने खबर है। प्रदेश सरकार ने पंच का चुनाव सर्वसम्मति से होने पर 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा कर रखी है।
इसके अलावा ब्लाक समिति गुहला के कुल 23 वार्डों में से मात्र एक वार्ड नंबर 17 में दर्शन सिंह खरौदी भी सर्वसम्मति से सदस्य बन गए हैं। इस वार्ड को सरकार की ओर से दो लाख विशेष ग्रांट मिलने वाली है।
खाली रह गए पंच के पद
गांव थेह बुटाना में पात्रता पूरी न होनेे के कारण वार्ड नंबर 1 व 2 खाली रह गए हैं। यहां से अब कोई भी नामांकन नहीं है। इसी तरह गांव भूंसला के पंच पद के लिए एक वार्ड में सहमति हो जाने के कारण किसी अन्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया लेकिन पर्चा भरने वाली महिला उम्मीदवार का नामांकन शिक्षा की शर्त के कारण रद हो जाने के कारण वहां भी चुनाव नहीं होगा।
खरौदी में बिगड़ी सम्मति
सितंबर में गांव खरौदी में सर्वसम्मति से सेवा सिंह को सरपंच चुन लिया गया था। मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले भरे गए नामांकनों में केवल सेवा सिंह ने ही फार्म भरा था। कोर्ट का फैसला आने के बाद अब जब दोबारा चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई है तो खरौदी से धर्मपाल नाम के एक अन्य उम्मीदवार ने भी अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। नामांकन उठाने की आखिरी तारीख तक गांव में सहमति बनाने की लाख कोशिशों के बावजूद किसी भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन नहीं उठाया। अब वहां चुनाव होना तय है।