संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में इस सीजन में गांवों में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सीजन में जनस्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब गांवों में पंचायतों को पेयजल आपूर्ति का जिम्मा सौंपा।
इसके तहत अब ट्यूबवेल चलवाने से लेकर पाइपलाइन लीकेज तक की समस्या का पंचायतें अपने स्तर पर ही समाधान करेगी। अब एक अप्रैल से पंचायतों को यह कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग तीन माह की एकमुश्त राशि सौंपेगा।
विभाग के पास काम होने पर लगता था अधिक समय, अब कम लगेगा ः गर्मी के सीजन में गांवों में पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्या होने पर विभाग के पास काम होने पर अधिक समय लगता था। अब पंचायतों के पास यह काम आने के बाद पेयजल से संबंधित समस्या का समाधान कम समय में हो पाएगा।
गौरतलब है कि गर्मी का मौसम शुरू होने के बाद पेयजल से संबंधित समस्या बढ़ जाती है। इसमें कहीं पाइपलाइन लीकेज होती है और कहीं ट्यूबवेल की मोटर खराब होती है। इन सभी समस्याओं का समाधान पहले सरपंच को संबंधित विभाग से करवाना पड़ता था परंतु अब जैसे ही पंचायतों के पास यह जिम्मेेदारी होगी तो वह कम समय में समस्या का समाधान करवा पाएंगे।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला ने बताया कि सरकार ने अब जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के काम का जिम्मा पंचायतों में देने का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत अब एक अप्रैल के बाद पेयजल आपूर्ति का सारा काम पंचायतों की देखरेख में होगा। इसमें पेयजल आपूर्ति, ट्यूबवेल को ठीक करवाने, पाइपलाइन लीकेज को ठीक करवाने सहित मरम्मत से संबंधित अन्य कार्य पंचायतों के अधीन आएगा।