35 कैथल। अपने दो लड्डू गोपाल के साथ रजनी नागपाल। स्वयं
सीवन। मेरा परिवार श्री कृपा सेवा समिति के माध्यम से महामंडलेश्वर गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज से जुड़ा हुआ है। ऐसे में लड्डू गोपाल जी को अपना आदर्श मानती हूं। उनकी कृपा से परिवार में सब कुशल मंगल रहता है। यही नहीं, उन्हें लड्डू गोपाल के जोड़ा की सेवा करने का मौका मिला है। इनमें एक 10 साल के हैं तो दूसरे तीन साल के हैं। एक नाम का कनक रखा हुआ है दूसरे का नाम कुंज है।
दोनों ही लड्डू गोपाल की सेवा करने का हर दिन का नियम बन चुका है। सुबह उठते के बाद दोनों को नींद से उठाती हूं। इसके बाद स्नान करवाती हूं। फिर उन्हें भोग लगाया जाता है। वह दोनों लड्डू गोपाल जी को भोग लगाती हूं। इनकी कृपा से हर काम सिद्ध होता है। इसलिए इनके प्रति भक्ति भाव भी बहुत है। घर में अन्य सभी सदस्य भी लड्डू गोपाल जी की सेवा करते हैं। उनकी सेवा से उन्हें भी पूरा सुकून मिलता है। लड्डू गोपाल के भोजन में प्याज और लहसुन का हमेशा परहेज रहता है।- रजनी नागपाल, निवासी, सीवन।