संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नई अनाज मंडी कैथल में बुधवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर वेयर हाउस की ओर से 150 क्विंटल पीआर धान खरीदा गया। जिले की आठ मंडियों में अब तक कुल 92 हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है, लेकिन नमी ज्यादा होने के कारण राइस मिलर खरीद में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
दूसरी ओर किसान इलेक्ट्रॉनिक कांटों की बजाय साधारण कांटों से तुलाई करवा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा मंडियों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी किसानों के लिए समस्या का कारण बन रहा है।
मंडी प्रशासन के अनुसार इस बार धान की खरीद में कमी का मुख्य कारण धान में नमी अधिक होना है। धान की झाड़ कम होने और नमी अधिक होने से किसानों को अपनी फसल में दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले की आठ मंडियों में एमएसपी पर कुल खरीद अभी तक 10 प्रतिशत से कम ही हो पाई है।
नाराज किसानों का कहना है कि मंडी में धान ज्यादा दिन तक पड़े रहने से वह नमी पकड़ रहा है। कुछ जगहों पर धान में 24 से 28 प्रतिशत तक नमी मिली। यदि ऐसा दो-तीन दिन और चलता रहा तो धान में बदबू आने का खतरा है। मंडियों में सुविधाओं का टोटा भी है।
आवक बढ़ी, निजी खरीदारों का दबदबा ः मंडी में पीआर धान की आवक बढ़ रही है लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने पर मजबूरी में निजी खरीदारों को बेच रहे हैं। निजी व्यापारी इसका फायदा उठाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम पर धान खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
नई अनाज मंडी में धान खरीद के भाव
किस्म
भाव (प्रति क्विंटल)
खरीदकर्ता
1509
3230 (अव्वल दर्जे), 3150 (निचले दर्जे)
प्राइवेट
पीआर 26
2389
वेयर हाउस
पीआर 26
2170 प्राइवेट (नमी अधिक होने के कारण रेट कम)
नई अनाज मंडी कैथल में बुधवार को एमएसपी पर 150 क्विंटल धान की खरीदारी हुई, जो वेयर हाऊस की ओर से की गई। धान में इस बार अधिक नमी होने के कारण राइस मिलर खरीद में कम रुचि दिखा रहे हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसल पूरी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि समय पर और उचित मूल्य पर बिक्री हो सके। -नरेंद्र ढुल, मंडी सचिव, नई अनाज मंडी, कैथल
पाई मंडी में भी नमी ज्यादा होने से धान की खरीद नहीं
पाई। अनाज मंडी पाई में बुधवार को फूड सप्लाई ने धान खरीद शुरू की लेकिन नमी ज्यादा होने के कारण कोई भी डेरी सरकारी मापदंड पर खरी नहीं उतरी। सभी ढेरियां किसानों व व्यापारियों की मौजूदगी में चेक की गई लेकिन सभी में 25 से 32 तक नमी की मात्रा थी जिस वजह से खरीद नहीं हुई। सचिव ने किसानों से कहा कि फसल को अच्छी तरह पकने के बाद कटवायें ताकि उचित मूल्य मिल सके। साथ ही कहा कि मंडी में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। संवाद