संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खींचतान के चलते एक तरफ जहां सरकारी खरीद प्रक्रिया काफी ढीली होने के कारण किसानों में रोष है वहीं, अब किसानों ने अधिकारियों पर मिलीभगत कर निजी खरीद करवाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही इन किसानों ने नमी की मशीन में भी गड़बड़ी करने की आशंका जताई है।
नाराज किसानों का कहना है कि वैसे तो राइस मिलरों ने सरकार के खिलाफ पिछले कई दिन से हड़ताल कर रखी है, लेकिन रात के समय में राइस मिलरों से कमीशन लेकर धान की निजी खरीद करवाई जाती हैं। इस मामले में बुधवार को कई किसान सामने आए और उन्होंने अधिकारी पर आरोप लगाए।
गौरतलब है कि सरकारी खरीद एजेंसियां 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीद नहीं कर रही है। उधर, राइस मिलरों के हड़ताल पर जाने से मंडियों में पीआर किस्म के धान की खरीद नहीं हो पा रही है। पिछले दो दिन से धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान परेशान हैं। जबकि राइस मिलरों ने मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
धान की सरकारी खरीद न होने के चलते अब तक किसान चार बार प्रदर्शन कर चुके हैं। दो बार किसानों ने तालाबंदी की है जबकि दो बार किसान हाईवे पर जाम लगा अपना रोष जता चुके हैं। वहीं, मार्केट कमेटी के आंकड़ों के तहत अब तक शहर की तीनों मंडियों में एक लाख से अधिक क्विंटल की आवक हो चुकी है। इसमें से 2250 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हो सकी है।
मंगलवार रात कैथल की अनाज मंडी में प्राइवेट सेलरो की ओर से खरीद की गई है। यह धान करीब दो हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा गया। दो ट्रक अनाज मंडी से लोड किए गए हैं। अधिकारी की मिलीभगत से यह काम कराया गया।
-विक्रम कसान, किसान, कैथल।
मशीनों में भी छेड़खानी की गई है। किसी में नमी की मात्रा 17 है तो दूसरी मशीन में उसी ढेरी में नमी की मात्रा 20 आती है। राइस मिलर हड़ताल पर है इस कारण आढ़ती धान ले नहीं रहे। किसानों का का आरोप है कि सभी की मिलीभगत में हमारी दुर्गति हो रही है। यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो लघु सचिवालय में पक्का धरना देंगे। - सतपाल दिल्लोवाली, किसान नेता, भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप, कैथल।
सरकार के नियमों के अनुसार धान खरीद करवाई जा रही है। इसमें नियमाें के तहत 17 प्रतिशत तक की नमी वाली धान की खरीद की जा रही है। पीआर धान की निजी खरीद राइस मिलरों की हड़ताल के कारण भी बंद है। ऐसे में यदि कोई चोरी छिपके से खरीद करवा रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। अभी तक 2250 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। - बसाऊ राम, सचिव, मार्केट कमेटी, कैथल।