संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/सीवन। बारिश का मौसम शुरू होते ही कलायत क्षेत्र में धान की रोपाई का काम रफ्तार पकड़ने लगा है। किसान लंबे समय से बारिश की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन अब बिना मूसलाधार बारिश के ही खेतों में काम शुरू कर दिया गया है। खेतों में ट्रैक्टरों की आवाज गूंजने लगी है और मजदूर रोपाई में जुट गए हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की रोपाई का उपयुक्त समय 15 जून से 15 जुलाई के बीच होता है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। इसी का लाभ उठाकर किसानों ने खेत तैयार करने शुरू कर दिए हैं।
कलायत क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत खेतों में बारीक किस्म की धान लगाई जाती है। कई किसानों ने पहले ही खेतों में ढैंचा और मूंग की बिजाई कर दी थी, जिन्हें अब तीन-चार दिन खुला छोड़ने के बाद पानी छोड़कर रोपाई शुरू की जा रही है। धान की रोपाई शुरू होते ही स्थानीय मजदूरों के साथ-साथ प्रवासी मजदूरों को भी रोजगार मिलने लगा है।
उधर, सीवन में बारिश के बाद किसानों में खुशी की लहर देखी गई। मौसम के ठंडा होने और नमी बढ़ने से धान की रोपाई के कार्य में तेजी आई। किसान राजेश रहेजा, नवदीप सिंह, सुरेंद्र सरदाना, अंतरजीत सिंह, राजविंदर सिंह, कुलदीप सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि बुधवार की बारिश से न केवल धान की फसल को लाभ मिला है, बल्कि सब्जियों और अन्य फसलों के लिए भी यह बारिश वरदान साबित हुई है।
किसानों का कहना है कि अब तक जो धान की फसल लगाई जा चुकी है, उसके लिए यह बारिश जीवनदायिनी है।