अंबाला सिटी /जलबेड़ा। अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद चालू न होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मंडी में पहुंची धान में नमी अधिक होने के कारण पल्लेदारों को उसे धूप में सुखाना पड़ रहा है। उधर, आसमान में छाए बादलों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
किसान यूनियनों ने जिला प्रशासन से सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की है। सरकार ने इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन खरीद प्रक्रिया ठप होने से किसान मंडी में भटकने को मजबूर हैं। जिले की सभी 15 मंडियों में एक अक्तूबर से धान की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार जिले में लगभग 5.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक संभावित है।
पिछले खरीफ सीजन 2025-26 में 5.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। उपायुक्त ने भी अधिकारियों को हिदायत दी है कि फसल खरीद के 72 घंटे के भीतर किसानों को हर हाल में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिले की 15 में से 13 मंडियों में वे-ब्रिज चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनका कैलिब्रेशन 22 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। खरीद एजेंसियों को जूट की गांठों का पूरा कोटा मिल चुका है जबकि आढ़तियों के पास क्रेट्स और तिरपाल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।