संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट अब पूरी तरह से बंद हो गया है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद यह एक बार भी शुरू नहीं हो पाया है। अब इसी सर्विस के लिए बजट भी अटक गया है। सर्विस के बिना यह प्लांट नहीं चल सकता है। जब तक बजट नहीं आएगा, तब तक यह शुरू नहीं हो पाएगा।
सर्विस पर करीब 10 लाख रुपये का खर्चा आना है। करीब 15 दिन पहले ही प्लांट में आई कमियों को दूर करने के लिए इंजीनियरों की टीम ने भी दौरा किया था। यह प्लांट नवंबर 2022 से पूरी तरह से बंद है। साल 2021 में जब सर्विस करवाई गई थी उस दौरान भी 10 लाख रुपये का खर्च आया था।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट से सीधे ही आईसीयू रूप में ऑक्सीजन की सप्लाई होती है, लेकिन ऑक्सीजन की खपत अब बहुत कम है। इसलिए प्लांट को नहीं चलाया जा रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर से ही मरीजों को दी जाती है। सिलिंडर प्लांट से नहीं भरे जाते।
कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन प्लांट लगाया था। इस दौरान ही प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई होती थी, इसके बाद जब ऑक्सीजन की खपत कम हो गई थी तो इसे बंद कर दिया गया। वर्ष 2021 के बाद से ऑक्सीजन प्लांट से सप्लाई नहीं ली है। तीन साल से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट से फायदा कम खर्च ज्यादा हो रहा है। प्लांट चलने के बाद बिजली का खर्च भी काफी अधिक रहता है।
एस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा : डॉ. मांडले
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अब ऑक्सीजन की खपत कम है, इसलिए प्लांट को बंद किया है। सर्विस के लिए इंजीनियर आए थे, उन्होंने 10 लाख का खर्च बताया है। सर्विस के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा। प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई पर काफी खर्च आ रहा है।