मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की घोषणा के अनुसार करनाल रोड पर लघु सचिवालय के निकट रेलवे लाइन पर रेलवे ओवर ब्रिज की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी गई है। हालांकि इस पुल के निर्माण का कई लोगों ने विरोध किया है। लेकिन सीएम की घोषणा के बाद अब लोक निर्माण विभाग ने पुल बन सकता है या नहीं, यह रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। विभाग की टीम यहां रेलवे फाटक के दोनों ओर सर्वे कर रही है।
कई पहलुओं पर तैयार हो रही है रिपोर्ट
राव सुरेंद्र सिंह द्वारा अनाज मंडी में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण करवाने का एलान किया था। फोरलेन के इस ब्रिज के निर्माण का कारण यहां अक्सर लगने वाला जाम बताया गया था।
अब शुरू हुआ मौका मुआयने का काम
लोक निर्माण विभाग ने सीएम की घोषणा के बाद मौका मुआयने का काम शुरू कर दिया है। जिसमें पुल के दोनों ओर सर्विस लेन, फोरलेन के लिए आवश्यक जगह, रेलवे फाटक के अनुसार जरूरत व आस-पास की दुकानों व प्रतिष्ठानों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। विभाग की टीम यहां सर्वे कर आवश्यक पैमाइश कर रही है।
लोगों ने किया है विरोध
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस पुल के निर्माण को लेकर सड़क पर दोनों ओर के दुकानदारों व आस-पास की कालोनियों के लोगों ने इसका विरोध किया है। लोगों का कहना है कि अब यहां रेलवे फाटक चौड़ी हो गई है। इसलिए इस पुल की अब कोई आवश्यकता नहीं है। अब यहां ना तो जाम लगता और ना ही लोग परेशान होते। डबल फाटक होने के बाद लोगों की जाम की समस्या का समाधान हो गया है। इसलिए अब पुल की कोई आवश्यकता नहीं है। बिना जरूरत के पुल बनता है तो आस-पास के सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब यह जांच की जा रही है कि यहां पुल बन सकता है या नहीं। पुल की फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद ही इसकी प्रशासनिक अप्रूवल मिलेगी। फिलहाल केवल यह पता लगाया जा रहा है कि फोरलेन घोषित इस पुल के लिए आवश्यक जगह के चलते यहां यह बन सकता है या नहीं। अभी तक यह सीएम की घोषणा है। प्रशासनिक अप्रूवल के बाद ही पुल बनाए जाने और ना बनाए जाने का फैसला हो पाएगा।
कुलदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।