संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जमीन बेचने का समझौता करने के बाद विक्रेता ने जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी। इस पर खरीदार ने बयाने के तौर पर दिए पांच लाख रुपये वापस लेने के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया। मामले में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कुनाल गर्ग की अदालत ने विक्रेता अवतार सिंह को पांच लाख रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं।
साथ ही, मुकदमा दायर करने की तारीख से पूरी राशि की अदायगी तक 18 प्रतिशत सालाना ब्याज और मुकदमे का खर्च देने का फैसला सुनाया। फ्रेंड्स कॉलोनी, करनाल रोड निवासी चंद्र प्रकाश ने अवतार सिंह निवासी शिखों वाली गली, पुराना शहर कैथल के खिलाफ वसूली का मुकदमा दायर किया था। चंद्र प्रकाश के अनुसार, अवतार सिंह के पास गांव पट्टी खोत में कुल 37 कनाल 19 मरले जमीन का एक-तिहाई हिस्सा था। यह हिस्सा 12 कनाल 13 मरले था। दोनों के बीच 26 अक्तूबर 2020 को जमीन बेचने का इकरारनामा हुआ था।
इकरारनामे के अनुसार, जमीन का भाव 20.50 लाख रुपये प्रति एकड़ तय हुआ था। इस हिसाब से कुल सौदा 32 लाख 41 हजार 563 रुपये में हुआ। चंद्र प्रकाश ने बयाने के तौर पर पांच लाख रुपये दिए थे। उसने 26 अक्तूबर 2020 को इस राशि का चेक दिया, लेकिन हस्ताक्षर मेल नहीं खाने के कारण चेक पास नहीं हुआ।
इसके बाद 4 नवंबर 2020 को दूसरा चेक दिया गया, जो अवतार सिंह के खाते में जमा हो गया। समझौते के मुताबिक, जमीन की रजिस्ट्री 25 अक्तूबर 2021 तक चंद्र प्रकाश के नाम होनी थी। शेष 27 लाख 41 हजार 563 रुपये रजिस्ट्री के समय देने तय हुए थे। रजिस्ट्री का खर्च भी खरीदार को उठाना था।
समझौते के बावजूद दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री : चंद्र प्रकाश ने अदालत में बताया कि अवतार सिंह ने जमीन उसके नाम करने के बजाय 17 फरवरी 2021 को गांव पाडला निवासी रोशनी देवी के नाम रजिस्ट्री कर दी। इससे दोनों के बीच हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं हुआ। इसके बाद चंद्र प्रकाश ने जमीन अपने नाम करवाने के बजाय बयाने की रकम वापस लेने के लिए वसूली का मुकदमा दायर किया।