कैथल। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्वास्थ्य बीमा से जुड़े एक मामले में बीमा कंपनी को बड़ा झटका देते हुए शिकायतकर्ता को 2,66,672 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने कंपनी पर सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी मानते हुए पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का भी निर्देश दिया। तय समय में राशि का भुगतान नहीं करने पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
शिकायतकर्ता सतीश कुमार ने आयोग को बताया कि उन्होंने एचडीएफसी बैंक के माध्यम से निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी, जो 11 दिसंबर 2021 से 10 दिसंबर 2022 तक प्रभावी थी।
दिसंबर 2022 में चोट लगने पर उन्हें पहले जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ और बाद में सेक्टर-33सी स्थित लैंडमार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान कैशलेस सुविधा के लिए आवेदन किया गया लेकिन बीमा कंपनी ने इसे अस्वीकार कर दिया जिससे पूरा इलाज का खर्च उन्हें स्वयं उठाना पड़ा।
बीमा कंपनी ने दलील दी कि कैशलेस सुविधा केवल एक व्यवस्था है और इसके अस्वीकार होने के बाद शिकायतकर्ता को प्रतिपूर्ति का दावा करना चाहिए था। एचडीएफसी बैंक ने कहा कि उसकी भूमिका केवल मध्यस्थ की थी।