संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अनाज मंडियों में ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर रोक लगाने का चालकों ने विरोध किया है। उनका कहना है मंडी में सीजन के दौरान ही उनके पास काम होता है, लेकिन सरकार ने केवल ट्रकों में लोडिंग के आदेश से उनका नुकसान किया है। इस मामले में वीरवार को नई अनाज मंडी में ट्रैक्टर- ट्राली संचालक एकत्रित हुए और अपना रोष जताया।
नाराज चालकों ने कहा कि शहर में करीब 200 ट्रालियां हैं। इनके मालिकों को धान के सीजन के दौरान ही कुछ उम्मीद काम की होती है, लेकिन इस बार सरकार ने नए नियमों को थोपकर उनका एक प्रकार से रोजगार छीनने का काम किया है।
ट्रैक्टर-ट्राली चालक बोले ः ट्रैक्टर-ट्राली चालक बलबीर कश्यप, राजेश सैनी, राजेंद्र, जयभगवान, बलजीत, क्रांति, गुरदीप, बूरा, संजू, कृष्ण, मुकेश व सतीश ने कहा कि वे पिछले कई साल से ट्रैक्टर-ट्राली चला रहे हैं। वह ही नहीं, बल्कि उनके पिता व दादा भी यही काम करते आए हैं। मंडी का ही काम किया है और कोई काम नहीं आता है।
ट्रैक्टर-ट्राली चालकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि यह काम चला गया ताे वे भूखे मरने की कगार पर होंगे। प्रशासन से मांग है कि अनाज मंडियों में सीजन के दौरान उठान के लिए भी ट्रैक्टर-ट्राली को चलाया जाए। इस बार सरकार ने नियम बदले हैं। इसमें जीपीएस व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए हैं। जीपीएस लगवाने के लिए राशि देने के लिए भी तैयार है, लेकिन उन पर लगाई गई रोक को हटाया जाए। गरीबों की सुनवाई की जानी चाहिए। यदि ट्रैक्टर-ट्राली में उठान की अनुमति मिले तो दो से तीन दिन मंडियों को खाली कर देंगे।