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Kaithal News: पशुओं की गणना कराने का विरोध

Fri, 26 Dec 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलायत में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) की खंड स्तरीय बैठक खंड प्रधान ईश्वर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी कैथल द्वारा शिक्षकों को आवारा पशुओं की गणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में तैनात किए जाने के आदेशों की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ऐसे आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की। बैठक को संबोधित करते हुए खंड प्रधान ईश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा निदेशालय पंचकूला की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि शिक्षकों से किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जाएगा।
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बावजूद इसके जिला प्रशासन द्वारा इस तरह के आदेश जारी करना न केवल उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि शिक्षक वर्ग की गरिमा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्राथमिक दायित्व अध्यापन और विद्यार्थियों का शैक्षणिक व नैतिक विकास करना है। ऐसे में उन्हें फील्ड कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में उलझाना शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है। खंड महासचिव सुनील खुमरा ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक पहले ही ऑनलाइन पोर्टल, परीक्षा ड्यूटी, सर्वे और विभिन्न रिपोर्टिंग कार्यों के अत्यधिक बोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह कार्य सौंपना अनुचित है। यदि इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से रद्द नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

बैठक में उपस्थित शिक्षक नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं किया गया तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर प्रशांत गौतम, सुभाष शास्त्री, सतबीर सिंह, सतीश मौण, प्रदीप कुमार, धीर सिंह सहित अनेक शिक्षक नेता उपस्थित रहे।

नोडल अधिकारी बनाने के आदेश पर जताई नाराजगी

कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए अध्यापकों को नोडल अधिकारी बनाने के आदेश का तीखा विरोध किया है। संघ ने कहा कि यह आदेश शिक्षकों के मान-सम्मान पर चोट करता है और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करता है। संघ ने घोषणा की कि इस तुगलकी फरमान के विरोध में कल जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, जिला प्रधान रामफल दयोहरा, जिला सचिव अमरनाथ किठानिया, कैशियर शीशपाल शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान विद्यावती, सहसचिव शमशेर कालिया, संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, प्रेस सचिव मदन गोपाल, ऑडिटर करमचंद केसर और कार्यालय सचिव गुरमीत सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले से ही बूथ लेवल ऑफिसर, उल्लास कार्यक्रम, मिड-डे मील, भवन निर्माण और अन्य ऑनलाइन कार्यों की जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। ऐसे में गैर-शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त बोझ उन्हें विद्यार्थियों से दूर करने के समान है, जिसे संघ किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। संवाद
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शिक्षक का मूल एवं संवैधानिक दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। ऐसे में उन्हें पशु प्रबंधन या किसी भी गैर-शैक्षणिक कार्य से जोड़ना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि उनकी गरिमा और पेशेवर दायित्वों के विपरीत भी है। -राजीव मलिक, जिला प्रधान, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन
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