फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: निविदा सूचना रद्द करने पर विपक्षी पार्षद फिर हुए मुखर

Sat, 01 Jun 2024 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। शहर के पुराने बस स्टैंड के समीप 43 कनाल 2 मरले में बनने वाले सिटी स्क्वॉयर की एजेंसी को निष्कासित कर परियोजना की निविदा सूचना रद्द करने पर विपक्षी पार्षद फिर मुखर हुए हैं। उन्होंने पुरानी एजेंसी के ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कर भरपाई कराने की मांग की।

नगर परिषद से विपक्षी पार्षदों ने निविदा सूचना रद्द करने के आदेश को पार्षदों व शहरवासियों की जीत बताया है। इस मामले में शुक्रवार शाम के समय कोयल काम्प्लैक्स में आयोजित की गई प्रेसवार्ता में विपक्षी पार्षदों ने दी है। वार्ड नंबर 28 पार्षद मोहन लाल शर्मा व दिनेश ने कहा कि बेशक सिटी स्क्वायर का निर्माण करने वाली एजेंसी को निष्कासित कर निविदा सूचना रद्द की गई है, लेकिन अब तक सिटी स्क्वॉयर के निर्माण में नुकसान की भरपाई भी इस एजेंसी के माध्यम से की जानी चाहिए।
विज्ञापन


उन्होंने एजेंसी के ठेकेदार पर नगर परिषद व शहर के लोगों को नुकसान पहुंचाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कहा कि जब तक इस एजेंसी पर एफआईआर कर उससे जुर्माना लगा भरपाई नहीं की जाती। तब तक वे नई एजेंसी को काम सौंपने नहीं देंगे। पार्षद मोहन लाल शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ने सिटी स्क्वॉयर के निर्माण के लिए वर्ष 2018 में निविदा सूचना जारी की थी। इसका कार्य 2020 तक पूरा करना था।

बाद में कार्य पूरा न होने पर इसकी समय सीमा 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ा दी गई थी और इसकी राशि भी 38 से 54 करोड़ कर दी गई थी, लेकिन इसका कार्य अब तक काम पूरा नहीं हुआ। अब तक केवल 10 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ। शुरुआत में ही नगर परिषद में पार्षदों ने इसका विरोध किया था। 24 अप्रैल 2024 को ज्ञापन दिया गया। यह कंपनी कई जगह ब्लैक लिस्टेड है।

शर्मा ने कहा कि यह शुरू से ही विवादों में रहा है। इसका ठेकेदार शशांक आनंद पहली बार में ही नगर परिषद के अधिकारियों व चेयरमैन को गुमराह करके काम से अधिक एडवांस पेमेंट ले गया था। इसका सभी पार्षदों ने विरोध किया था। इसके निर्माण कार्य में लापरवाही व भ्रष्टाचार देखा गया। इसका नपा के पार्षदों ने विरोध किया था।

इसे लेकर 25 मार्च 2019 को 11 कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसका 38 करोड़ की निविदा सूचना जारी की गई। इसमें 30 मरले में निर्माण कार्य करवाया जाना था। इसमें पार्किंग की व्यवस्था की जानी थी। शुरू से ही इस पर ग्रहण लग गया तथा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
विज्ञापन


बाद में सरकार ने इस पर मेहरबान होकर 38 करोड़ की निविदा सूचना को 54 करोड़ रुपये में दे दिया। पार्षदों ने इसका विरोध जताया व जन जन तक यह बात पहुचाई। अधिकारियों को ज्ञापन दिया। 31 मई को यह निविदा सूचना रद्द कर दी।

इसके लिए शहर की पूरी जनता बधाई की पात्र है। इस मौके पर पार्षद सुशीला शर्मा, दिनेश, महेश गोगिया, बलजीत इंदल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें