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Kaithal News: नेत्र विशेषज्ञ अवकाश पर, 50 से अधिक आंखों की सर्जरी अटकी

Thu, 19 Feb 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के एक माह के अवकाश पर चले जाने से आंखों से संबंधित सर्जरी, जांच और उपचार की व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण मोतियाबिंद सहित अन्य नेत्र रोगों के मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार नेत्र विशेषज्ञ 25 मार्च तक अवकाश पर रहेंगी। इस अवधि में अब तक 50 से अधिक सर्जरी लंबित हो चुकी हैं। सामान्य दिनों में अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 आंखों के ऑपरेशन किए जाते थे, जिनमें मोतियाबिंद की सर्जरी प्रमुख होती थी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में ऑपरेशन थियेटर खाली पड़ा है और प्रतीक्षा सूची लगातार बढ़ रही है।
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स्थिति यह है कि जिन मरीजों को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता है, उन्हें करनाल और रोहतक के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च, समय और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्ग मरीजों के लिए दूसरे शहरों तक जाना और भी कठिन साबित हो रहा है।

मरीजों का कहना है कि जिला स्तर के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपस्थिति से आम जनता की परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

इस संदर्भ में जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि नेत्र विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने के बाद उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। अंबाला से अस्थायी रूप से एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि लंबित सर्जरी दोबारा शुरू की जा सकें।

उन्होंने कहा कि मरीजों को अधिक समय तक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और अस्पताल की सेवाएं जल्द सामान्य कर दी जाएंगी।
जांच कराने के लिए पहुंचे मरीज निराश लौटे
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पाई निवासी रघबीर ने बताया कि वह आंखों की जांच और ऑपरेशन की तारीख लेने अस्पताल आया था, लेकिन डॉक्टर के अवकाश पर होने की जानकारी मिलने से उसे निराश लौटना पड़ा। उसने कहा कि निजी अस्पताल में इलाज कराना उसके लिए महंगा है, इसलिए अब उसे इंतजार करना पड़ेगा।
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n कोटड़ा निवासी हरफूल ने बताया कि वह कई दिनों से मोतियाबिंद की समस्या से परेशान है। सर्जरी की उम्मीद लेकर अस्पताल आया था, लेकिन यहां से उसे दूसरे शहर जाने की सलाह दी गई, जो उसके लिए संभव नहीं है।
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