कैथल। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत आगामी पांच अक्तूबर मतदान होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार को महज दो दिन बचे हैं। इसलिए अब सभी पार्टियों के उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंक दी है। क्योंकि अब चारों विधानसभा क्षेत्रों में अब लगातार वीआईपी मूवमेंट बढ़ रही है। इस मूवमेंट के तहत पार्टियों के कई बड़े नेता रोड शो कर रहे हैं तो कोई उम्मीदवार स्टार प्रचारकों को मैदान में उतर कर प्रचार रहे हैं। बता दें कि कैथल, गुहला, कलायत और पूंडरी में सभी उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कभी जाति तो कभी विकास के नाम पर मांग रहे वोट
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में सभी उम्मीदवारों की ओर से एडी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। इसके तहत कभी जाति तो कभी विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उधर, अब बदल रहे राजनीतिक माहौल के बीच पार्टियों के नेताओं की ओर से जुबानी हमले भी किए जा रहे हैं।
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विधानसभा चुनाव के लिए तीन अक्तूबर को शाम छह बजे बंद होगा प्रचार
कैथल। विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की ओर से प्रचार-प्रसार करने पर तीन अक्तूबर को शाम छह बजे से प्रतिबंध लग जाएगा। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने दी है। उन्होंने बताया कि शाम छह बजे के बाद से राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी प्रकार की बैठक या जनसभाएं नहीं कर सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग के निर्देशानुसार चुनाव एजेंट को छोड़ कर, पार्टी से जुड़े अन्य कार्यकर्ता या नेता और प्रचारक जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। वे उस निर्वाचन क्षेत्र में नहीं रह सकते हैं। जिला की चारों विधानसभा सीटों के लिए पांच अक्तूबर को सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान होगा। बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की समयावधि के दौरान किसी भी तरह का प्रचार-प्रसार बंद हो जाता है।
उन्होंने बताया कि इस समयावधि में कोई भी उम्मीदवार न तो किसी तरह की जनसभा आयोजित कर सकता है और न ही उसमें शामिल हो सकता है। इस दौरान किसी भी तरह की चुनावी सामग्री को सिनेमाटोग्राफी, टेलीविजन या अन्य उपकरणों के माध्यम से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, किसी मतदान क्षेत्र में इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान आमजन को आकर्षित करने की दृष्टि से म्यूजिक कॉन्सर्ट या थियेटर प्रोग्राम या अन्य मनोरंजक कार्यक्रम के माध्यम से किसी प्रकार का चुनावी प्रचार भी नहीं किया जा सकता।
इस समयावधि के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। पोलिंग बूथ के 200 मीटर की परिधि में कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी अपना प्रचार नहीं कर सकते है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की ओर से धारा 126 उपधारा (1) का उल्लंघन किया जाता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आयोग के निर्देशानुसार सभी मंत्रियों, सांसद और राज्य विधानसभा के सदस्यों के अलावा अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता, जिनको सुरक्षा प्रदान की गई है, उन सभी को मतदान की समाप्ति के लिए नियमित किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की समयावधि से पहले निर्वाचन क्षेत्र को जल्द से जल्द छोड़ देना होगा। इसी प्रकार, उम्मीदवार और उसके चुनाव एजेंट को छोड़ कर, पार्टी से जुड़े अन्य कार्यकर्ता या नेता और प्रचारक जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, वह उस निर्वाचन क्षेत्र में नहीं रह सकते हैं।