संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उच्चतर शिक्षा विभाग ने यूजी कोर्स में दाखिले के लिए 30 अगस्त तक का अवसर दिया है। ऐसे में यूजी कोर्स में दाखिले के लिए महज चार दिन ही शेष रह गए हैं। अभी तक जिले के कई कॉलेजों में करीब 10 प्रतिशत तक सीटें खाली हैं।
इन कोर्स में ओपन काउंसलिंग के तहत दाखिले किए जा रहे हैं। इसी कड़ी आरकेएसडी कॉलेज में अलग से दो सहायता केंद्र बनाए गए हैं। इन सहायता केंद्रों में पहुंचकर दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थी अपना दाखिला करवा सकते हैं।
आरकेएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि पिछले सप्ताह ही उच्चतर शिक्षा विभाग ने यूजी कक्षाओं के प्रवेश पोर्टल को फिर से खोला था। अब यह पोर्टल 30 अगस्त तक खुला रहेगा।
युवाओं में विदेश जाने का क्रेज तो आ रहे हैं आवेदन कम ः बता दें कि पिछले कुछ सालों से युवाओं में विदेश जाने का अधिक क्रेज रहा है। ऐसे में इस साल भी कॉलेजों यूजी कोर्स में दाखिले के लिए कम आवेदन आ रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन अनुसार अधिकतर विद्यार्थी विदेश जाने की चाह में कॉलेजों की ओर रुख कम रह रहा है। ऐसे में यह विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद आइलेट्स आदि में अपनी रुचि दिखा रहे हैं।
पीजी में भरी सभी सीटें ः प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने बताया कि पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन की तिथि समाप्त होने के बाद सभी सहायता प्राप्त पाठ्यक्रमों में पीजी कक्षाओं की सीटें पूरी तरह से भर गई हैं। बताया कि अभी यूजी में सांध्यकालीन सत्र में कुछ पाठ्यक्रमों में अभी भी कुछ सीटें बची हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे मंगलवार से लगातार 30 अगस्त तक कॉलेज में पहुंचकर दाखिला ले सकते हैं।
प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने बताया कि इस साल कॉलेज में तीन हजार से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया है। करीब छह हजार आवेदन, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कॉलेज में अब तक प्राप्त प्रवेश संख्या से लगभग दोगुना है। कहा कि इस वर्ष दस्तावेजों के सत्यापन के साथ-साथ प्रवेश की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चली।
एनईपी के कारण छात्रों को नए विषय संयोजन चुनने पड़ते हैं, जो उन्हें अपने दृष्टिकोण में लचीलापन प्रदान करते हैं। एनईपी का उद्देश्य पाठ्यक्रम को लचीला और समग्र बनाना है। जिसमें अनुभावात्मक शिक्षण और आलोचनात्मक सोच पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
छात्रों के पास विषयों और पथों में अधिक विकल्प होते हैं और अध्ययन के विभिन्न क्षेत्रों के बीच कम कठोर विभाजन होते हैं। यह एनईपी चार वर्षीय बहु-विषयक स्नातक की डिग्री का भी प्रस्ताव करता है, जिसमें प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और स्नातक की डिग्री सहित कई निकास विकल्प होते हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के निर्माण के माध्यम से अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करना है।
एनईपी कॉलेजों को अधिक छात्रों तक पहुंचने के लिए अधिक ऑनलाइन और मिश्रित शिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच बनाने का भी प्रस्ताव करता है कि शिक्षा में प्रौद्योगिकी को उचित रूप से एकीकृत किया जाए।