नासिक के साथ अब बैंगलोर और राजस्थान का प्याज भी प्रदेश की लोकल मंडियों में पहुंचने लगा है, जिससे आसमान छू रहे प्याज के रेटों से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पिछले तीन से चार दिनों में प्याज के रेट 25 से 30 रुपये तक कम हो गए हैं। पिछले दिनों जहां प्याज के थोक में रेट 90 से लेकर 95 रुपये प्रति किलो तक थे, अब वे घटकर 55 से 60 रुपये के बीच हो गए हैं। हालांकि मंडियों से बाहर अब भी लोगों को प्याज 65 से 70 रुपये की बीच में प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है, लेकिन फिर भी लोगों को 15 से 20 रुपये तक एकदम से राहत मिली है। प्याज की कीमतें कम होने से गृहिणियों के रसोई के बजट में भी सुधार होता दिखाई दे रहा है।
अन्य सब्जियों के रेटों में पांच से 10 रुपये तक बढ़ोतरी-एक तरफ जहां प्याज के रेटों में कमी हुई है, वहीं अन्य सब्जियों के रेट पांच से लेकर 10 रुपये तक बढ़ गए हैं। पिछले सप्ताह जो सब्जियां 30 रुपये किलो मिलती थी, अब उनके रेट 40 रुपये को पार कर गए हैं। आलू और मूली जैसी सब्जियों के रेटों पर बीते सप्ताह में कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आलू के रेट पहले की तरह ही 15 रुपये किलो हैं और मूली 10 रुपये प्रति किलो मंडी में बिक रही है।
सब्जियों की कीमत एक सप्ताह पहले और अब
सब्जी पहले अब
गाजर 20-25 30
खीरा 30 40
मटर 40 50
गोभी 30 40
मूली 10 10
मिर्च 30 35-40
घीया 20-25 40
बैंगन 20 30
धनिया, मेथी 20 30
मंडी के सब्जी विक्रेता देव कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में लोकल सब्जियों की आवक कम हो गई है। ऐसे मौसम में सब्जियों की फसल तैयार होने में समय अधिक लगता है। इसके अलावा धुंध व अन्य कारणों से बाहर से आने वाली सप्लाई भी कम हो जाती है। शादियों जैसे कार्यक्रमों की सीजन होने के कारण सब्जियों की मांग ज्यादा हो गई है और सप्लाई कम है। यह रेटों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं। प्याज के रेट कम हो गए हैं।