संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। सोनीपत से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि राजनीति में जो अहंकार रहित होकर कार्य करेगा, वही कामयाब होगा। ब्रह्मचारी बुधवार को दीपक निर्मल के प्रतिष्ठान पर कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि वे संत हैं। इसके बावजूद भी राजनीति के मैदान में आए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी की राजनीति में शुद्धता व अहंकार रहित होने जैसे सिद्धांतों से आत्मसात करवाने की दिशा में कार्य करेंगे। ब्रह्मचारी ने कहा कि देश के हर प्रधानमंत्री के दिवंगत होने पर उनका स्मृति स्थल पर ही अंतिम संस्कार किया गया पर डाॅ. मनमोहन सिंह के मामले में यह पूरी तरह से भेदभाव हुआ। अब उनकी स्मृति स्थल के लिए भूमि देने की बात आई है पर अच्छा होता यदि यह निर्णय पहले ही लिया जाता।
उन्होंने कहा कि डाॅ. भीमराव आंबेडकर को लेकर जिस तरह से देश के गृह मंत्री ने टिप्पणी की है वह न तो उनकी गरिमा को शोभा देता है और न ही स्वस्थ लोकतंत्र को। ब्रह्मचारी ने कहा कि भाजपा किसान के हित व फसल के लाभकारी मूल्यों को दिए जाने के दावे तो करती है पर वे धरातल पर नहीं है।
कहा, फसल के लाभकारी मूल्यों व एमएसपी गारंटी कानून को लेकर एक किसान नेता आमरण अनशन पर बैठा है और उसकी हालत नाजुक है पर भाजपा सरकार को कोई फिक्र ही नहीं। साफ है कि केंद्र सरकार किसानों और श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
ब्रह्मचारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति, डिजिटल कृषि मिशन और श्रम संहिताओं जैसे कदम उठाकर किसानों की आजीविका और राज्यों के संघीय अधिकारों पर हमला करने में लगी है। प्रधानमंत्री किसानों की मांगों पर चर्चा से बच रहे हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता के स्वास्थ्य पर निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार अपनी हठधमिऱ्तर्मिता छोड़ आगे आए और किसानों के हित में उनकी मांगों को पूरा करे। यदि किसान ही दुखी होगा तो कृषि आधारित देश की अर्थव्यवस्था किस प्रकार से विकास करेगी। उन्होंने दीपक निर्मल की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज देश की राजनीति में ऐसे युवकों को आगे आना चाहिए।