कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने एक वकील की शिकायत पर एक निजी मोबाइल कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना किया है। आदेश के मुताबिक यह एक लाख रुपये की राशि कंपनी को 45 दिन के अंदर देनी होगी। यदि कंपनी ने यह राशि 45 दिन के अंदर नहीं दी तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत कंपनी के मुख्य अधिकारी को तीन साल तक की कैद भी हो सकती है। इस मामले में पैरवी करने वाले अधिवक्ता आनंद प्रकाश गुप्ता व उनके पुत्र अभिषेक गुप्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 35 के तहत शिकायत दी थी।
शिकायत में आनंद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि उन्होंने एक निजी मोबाइल कंपनी से एक प्लान लिया था, जिसमें एक पैसा प्रति सेकंड आउटगोइंग और इनकमिंग फ्री की बात कही गई थी, लेकिन कंपनी ने प्लान बंद कर दिया। इससे शिकायतकर्ता को परेशानी हुई। इस पर कंपनी के वकील ने दलील दी कि यह प्लान नहीं दिया जा सकता। यदि शिकायतकर्ता चाहे तो उसे दूसरा नंबर दिया जा सकता है। इस पर उपभोक्ता आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता का बंद हुआ नंबर चालू किया जाए। संवाद