कैथल। नौतपा के पहले ही दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। नौतपा के पहले दिन करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलीं। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दोपहर के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले, जबकि ज्यादातर लोग तेज धूप और लू से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। तेज धूप से बचने के लिए लोगों ने सिर और चेहरे को कपड़ों से ढका।
चौक-चौराहों और बाजारों में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। दोपहर के समय कई स्थानों पर सड़कों पर आवाजाही लगभग थम सी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें अधिक प्रभावी होती हैं जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है।
डॉक्टर अनिल अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन करें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और मौसमी फलों को आहार में शामिल करें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। तला-भुना, बहुत मसालेदार और भारी भोजन कम लें। खाली पेट धूप में बाहर न निकलें। चक्कर, सिर दर्द, उल्टी या तेज कमजोरी महसूस हो तो तुरंत छांव में जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
बढ़ती गर्मी का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर बेल वाली सब्जियों जैसे लौकी, तोरई, खीरा और करेले की फसलों के लिए यह मौसम नुकसानदायक माना जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और तेज गर्म हवाओं के कारण इन फसलों के फूल और छोटे फल प्रभावित हो सकते हैं।
चिलचिलाती धूप में करनाल रोड से होकर गुजरते वाहन चालक। संवाद